एनटीए की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
संवाद न्यूज एजेस
पलवल। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को जाट धर्मशाला में विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाए जाने की घटना की निंदा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता रूपराम तेवतिया ने की, जबकि संचालन रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला सचिव हरिचंद वर्मा ने किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नीट सहित विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के संचालन में एनटीए लगातार विफल रही है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान किया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने शांतिपूर्ण आंदोलन पर कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि सरकार को दमन की बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में लोगों से भी साथ देने की अपील की। इस दौरान किसान नेताओं ने बताया कि 22 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के आवास पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। कार्यक्रम में ताराचंद, दरियाब सिंह, उर्मिला रावत, कृष्णा, रमेश सौरोत, नेमचंद शर्मा, महाराम एडवोकेट, गोविंद राम, चंदीराम चंदेलिया, किशन चंद शर्मा, समय राम कुंडू, चंद्रमणि आर्य और करण सिंह आर्य सहित अन्य मौजूद रहे।