पलवल। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर आंदोलन कर रहे किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। धरने में किसान संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि आंदोलन को तेज करने के लिए जल्द ही किसान-मजदूर महापंचायत आयोजन किया जाएगा। पंचायत में सभी वर्गों से किसान आंदोलन को तेज करने के लिए समर्थन मांगा जाएगा। धरने की अध्यक्षता इंदर सिंह रावत ने की, जबकि संचालन राजकुमार ओलिहान ने किया।
सोमवार को धरना स्थल पर गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस मनाया गया। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। किसान आंदोलन को 200 दिन बीत गए हैं। इन 200 दिनों में किसानों ने सर्दी, गर्मी, बरसात व कोरोना महामारी को झेलते हुए अपने हकों के लिए संघर्ष किया है। 500 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं।
उसके बावजूद सरकार मांग मानने की बजाय बदनाम करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि जल्द ही किसान आंदोलन को तेज करने के लिए मजदूरों को साथ लेकर महापंचायत की जाएगी, जिसमें आंदोलन को लेकर अहम निर्णय लिए जाएंगे। किसान संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि जो सत्ताधारी नेता किसानों की खिलाफत कर रहे हैं, उन्हें गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। आने वाले समय में नेताओं को गांवों में उद्घाटन कार्यक्रम करने नहीं दिए जाएंगे। कार्यक्रमों में पहुंच कर किसान विरोध जताएंगे। पड़ोसी राज्यों में होने वाले चुनावों में भाजपा की सरकार को हराने का काम किया जाएगा।
धरने को किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, डॉ.रघुवीर सिंह, ताराचंद, रमेश चंद, राहुल तंवर, रोशनलाल अल्लीका, श्रीचंद, महाराम औरंगाबाद, राजेश रावत बहीन, रूपराम तेवतिया, किशनचंद शर्मा, उदय सिंह सरपंच, शीशपाल प्रधान, धनीराम थानेदार, शमशेर पहलवान, बिजेंद्र बढराम, लखनपाल जोधपुर, बीर सिंह औरंगाबाद, जयदेव मीतरोल, करतार, हुकम सिंह अटोहां ने संबोधित किया।