पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा धरना 26वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को किसानों ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया। गांव-गांव जाकर किसानों को केंद्रीय कृषि कानूनों के विरुद्ध जागरूक करने का भी निर्णय लिया। धरने पर निर्णय लिया गया कि पलवल जिले में भाजपा सरकार का जो भी मंत्री व नेता आएगा, उसका विरोध किया जाएगा। दूसरी तरफ गांवों से कई ट्रैक्टरों से किसान धरना स्थल पर पहुंचे। धरना स्थल पर किसानों ने जहां नौजवान किसान दिवस मनाया, वहीं शनिवार को संत रविदास जयंती मनाने का निर्णय लिया गया। नौजवान किसान दिवस के अवसर पर युवाओं से कृषि कार्य से जुड़ने की वक्ताओं ने अपील की तथा कहा कि जब तक युवा कृषि क्षेत्र में रुचि नहीं लेगा, सरकारें हमें ठगती रहेंगी।
इस अवसर पर राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनकड़ ने कार्यक्रम में झूठ बोलने के अतिरिक्त कुछ नहीं कहा। उन्होंने किसान एकता को तोड़ने का असफल प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि किसान तीनों काले कानूनों की सच्चाई को भलीभांति जान चुके हैं अब वे बहकाने से भ्रमित होने वाले नही हैं। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा का आंदोलन एक नई क्रांति को जन्म देगा, ये किसानों को आर्थिक आजादी दिलाएगा। इस अवसर पर रतन सिंह सौरोत, राजेश बहीन, सरबजीत सिंह, शिव नारायण तेवतिया, पंडित प्रभुदयाल शर्मा, सोहनपाल चौहान, डाक्टर रघुबीर सिंह, भागीरथ बैनीवाल, राजेंद्र सिंह घर्रोट, रघुविंदर सिंह सरपंच, धर्मचंद घुघेरा, राजकुमार ओहलियान ने भी संबोधित किया।