पहले एक साल के लिए कंपनी के साथ होती थी निविदा अब सात साल तक संभालेगी काम, कूड़ा उठाव व निष्पादन के लिए खर्च किए जाएंगे 14 करोड़
सोमदेव आर्य
हथीन। घर-घर से कूड़ा उठान, ट्रांसपोर्टेशन के अलावा कूड़ा निष्पादन के लिए अब एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग निविदा होंगी। इसके लिए नगर पालिका ने एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए फाइल मुख्यालय भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों ही कार्यों पर करीब 14 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। हालांकि, दोनों निविदा की अवधि भी अलग-अलग रखी गई है।
स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय घर-घर कूड़ा उठान व लिफ्टिंग की निविदा अब एक नहीं सात साल के लिए करेगी, जबकि डंपिंग साइट पर कूड़ा छंटाई की निविदा भी अब 10 साल के लिए की जाएगी। यही नहीं अब दोनों काम एक साथ नहीं दिए जाएंगे बल्कि दोनों के लिए अलग-अलग निविदा आमंत्रित की जाएंगी। इसके लिए स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय ने नगर पालिका को एस्टीमेट तैयार करने के आदेश दिए थे। अब मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नगर पालिका चेयरपर्सन रेणु लता एवं सचिव देवेंद्र कुमार ने बताया कि नगर पालिका सदन भी इसको पहले ही स्वीकृति दे चुका है। निदेशालय की तरफ से सभी निकायों से दोनों कार्यों के लिए अलग-अलग एस्टीमेट तैयार करके भिजवाने के आदेश दिए गए थे। निदेशालय की तरफ से निविदा के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी गई थी। आदेश मिलने के बाद सभी निकाय के अधिकारी गाइडलाइन के अनुसार नए एस्टीमेट तैयार किए गए। इसमें घर-घर कूड़ा उठान, परिवहन के लिए 7 साल की निविदा की जा रही है, जिस पर लगभग छह करोड़ 86 लाख 35 हजार 535 रुपये की राशि खर्च होगी। इसी प्रकार से डंपिंग साइट्स से कूड़ा निष्पादन के लिए 10 साल की निविदा होगी, जिस पर छह करोड़ 93 लाख 41 हजार 828 रुपये की राशि खर्च होगी।
वाहन जीपीएस लैस होने चाहिए
इस बार घर-घर कूड़ा उठान के तहत ठेकेदार द्वारा जो वाहन लगाए जाएंगे वह इलेक्ट्रिक होंगे। नए आदेशों में इसका जिक्र किया गया है। इसके अलावा सभी वाहन जीपीएस लैस होने चाहिए और उनकी मॉनिटरिंग होनी चाहिए। हर वाहन पर उसके रूट का समय लिखा होना चाहिए। भाजपा के मंडल महामंत्री सुधीर कुमार आर्य ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया के बाद शहर में सफाई की उचित व्यवस्था होगी। ऐसी उम्मीद है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार प्रकट किया है।
निविदा पूरी होने के बाद लग जाते थे कूड़े के ढेर
इससे पहले शहर में कूड़ा उठान के लिए एक साल की निविदा की जाती थी। निविदा खत्म होने के बाद संबंधित कंपनी काम करना बंद कर देती थी। इसके बाद शहर में कूड़े के ढेर लग जाते थे। नई निविदा करने में कई महीने लग जाते थे इतने दिनों तक लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था जो अब नहीं करना होगा। इस बदलाव के बाद जमीनी स्तर पर लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
शहर से घर-घर कूड़ा उठान, लिफ्टिंग और डंपिंग साइट से कूड़ा छंटाई को लेकर नई गाइडलाइन आई थी। घर-घर कूड़ा उठान व लिफ्टिंग का टेंडर अब एक की बजाय सात साल का दिया जाएगा, जबकि कूड़ा निष्पादन का 10 साल का टेंडर होगा। इसकी मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान डोर टू डोर कूड़ा उठाने का ठेका 30 जून को समाप्त हो जाएगा। एक जुलाई से नए टेंडर के साथ कार्य शुरू होगा। - नगर पालिका सचिव देवेंद्र कुमार