संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शुक्रवार शाम हुई बारिश से लोगों को गर्मी से तो राहत नहीं मिली, लेकिन शहर में जलभराव ने आफत जरूर खड़ी कर दी। मात्र आधा घंटे की बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया। दिल्ली-आगरा राजमार्ग से लेकर शहर के सभी लिंक मार्गों सहित कई रिहायशी काॅलोनियों में इतना जलभराव हो गया कि लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया। यदि नगर परिषद और प्रशासन ने अब भी ध्यान नहीं दिया और नालों की सफाई नहीं कराई तो मानसून के दौरान शहर पानी में डूब जाएगा। लोगों में शहर के अंदर हुए जलभराव को लेकर नगर परिषद और राजमार्ग प्राधिकरण के खिलाफ रोष व्याप्त है।
मानसून आने से एक महीना पहले ही शहर के नालों की सफाई कराई जाती है, लेकिन इस बार अभी तक नालों की सफाई के लिए टेंडर तक नहीं छोड़ा गया है। न ही इस तरफ किसी का ध्यान है, यह हाल तो तब है, जब जिला उपायुक्त और नगर आयुक्त दो बार बैठक कर संबंधित विभाग के अधिकारियों को नालों की सफाई मानसून से पहले कराने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद न तो नगर परिषद ने नालों की सफाई कराने पर ध्यान दिया है और न ही जनस्वास्थ्य विभाग और राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने।
गंदगी से अटे पड़े हैं शहर के नाले
वैसे तो शहर में नाले और नालियों की सफाई नियमित कराने के दावे किए जाते हैं। शहर की सफाई पर जो 1.25 लाख रुपये महीना खर्च होता है, उसमें भी नाले व नालियों की सफाई शामिल दिखाई जाती है। हर वर्ष मानसून से पहले नाले और नालियों की सफाई अलग से नगर परिषद कराने का दावा करता है। जिसका अलग से बिल बनता है। उसके बावजूद शहर में नाले व नालियों की सफाई नहीं होती। हालात ये हैं कि शहर के सभी नाले व नालियां गंदगी से अटे पड़े हैं। शायद ही ऐसा कोई नाला होगा, जो गंदगी से भरा न पड़ा हो। नालों में गंदगी के साथ-साथ उनके साथ किनारों पर भी गंदगी के ढेर लगे देखे जा सकते हैं।
बारिश होते ही इन स्थानों पर हो गया जलभराव
शहर में गंदगी से अटे पड़े नालों के कारण बारिश होते ही बस अड्डा, दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर किठवाडी चौक से बस अड्डा चौक तक, माल गोदाम रोड, मुख्य बाजार, कमेटी चौक, हाउसिंग बोर्ड कालोनी के पास, तुहीराम कालोनी, विश्रामगृह, ताऊ देवीलाल टाउन पार्क, सभी पुलों के नीचे तथा कई रिहायशी काॅलोनियों में जलभराव हो गया। जिस कारण लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया। बस अड्डा पर तो इतना बुरा हाल है कि लोगों को बस पकड़ने के लिए पानी में से निकलकर बस अड्डा के अंदर जाना पड़ा।