04पीएएलपी7-सूखी पड़ी डाडका माइनर।
अब तक नहीं हुई रजवाहे की सफाई, हर साल लाखों रुपये सफाई पर खर्च करने के दावे
किसानों ने सीएम विंंडो पर लगाई मुख्यमंत्री से गुहार
रोशनलाल शर्मा
होडल। मुख्यमंत्री जी सिंचाई के लिए रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने का दावा करने से पहले एक बार होडल क्षेत्र में आकर जायजा लें, आज तक टेल तक पानी पहुंचना तो दूर रजवाहों में एक बूंद तक पानी नहीं है। आज भी काफी रजवाहे ऐसे हैं, जो पूरी तरह से सूखे पड़े हैं। किसान इस बारे में कई बार सीएम विंडो पर मुख्यमंत्री को शिकायत भेज चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद समाधान तो दूर किसी ने आकर देखा तक नहीं है। अब तो किसानों ने सोशल मीडिया पर भी सीएम विंडो की शिकायतों को डालकर इस बात का प्रचार कर सरकार से रजवाहों में पानी की मांग कर रहे हैं।
होडल उपमंडल के दर्जनों गांवों के खेतों की सिंचाई के लिए बनाई गई डाडका माइनर वर्षों से सूखी पड़ी है। भूजल स्तर काफी नीचे होने से किसान माइनर पर ही निर्भर हैं, लेकिन माइनर में पानी न आने से किसानों की फसलें सूखने की कगार पर हैं। मजबूरी में किसानों को महंगा डीजल फूंककर इंजन से सिंचाई करनी पड़ती है। किसानों ने सीएम विंडो पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल को शिकायत देकर माइनर में पानी छोड़े जाने की मांग की है। डाडका माइनर से गांव डाडका, बोराका, गढ़ी पट्टी, होडल की सभी पट्टियां, लोहिना, सौंदहद सहित अन्य दर्जनों गांव जुड़े हुए हैं। इन गावों के किसान केवल डाडका माइनर के पानी की सिंचाई पर ही निर्भर रहते हैं, लेकिन इस माइनर में पिछले कई वर्षों से पानी नहीं छोड़ा गया है।
किसानों का कहना है कि न बारिश का पानी और न रजवाहों में पानी आता है, ऐसे में दोगुणी आय नहीं हो सकती है। उनका कहना है कि बैंकों द्वारा लिए गए कर्ज में अब जमीन नीलाम होने की कगार पर है। किसानों को खेतों में फसल बोने में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है और खेतों में सिंचाई के लिए निकाले गए रजवाहे कई सालों से सूखे पड़े हैं और कई रजवाहों में अगर किसी दबाव में कभी कभी पानी छोड़ा जाता है तो वह टेल तक नहीं पहुंचता है, क्यों कि इन रजवाहों में विभाग द्वारा समय-समय पर खुदाई और सफाई तो की जाती है, टेल पर जाने से पहले पानी बंद हो जाता है।
गांव सौंदहद निवासी हरि सिंह, संजय, प्रताप सिंह व बकसुआ पट्टी निवासी गुलाब सिंह, हरिमोहन, बलवान, महावीर, बल्लू, देवेंद्र, सिंह, बिजेंद्र, भूपेंद्र का कहना है कि समस्या को लेकर 35 बार सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, परंतु समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अब विभागीय अधिकारियों से फिर से गुहार लगाई जा रही है। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों द्वारा इस माइनर की प्रति वर्ष साफ सफाई पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन सफाई के नाम पर इस माइनर में हमेशा झाड़ियां खड़ी रहती हैं। मानसून के समय पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं होने व पिछले 10 से 15 सालों से माइनरों में पानी नहीं आने से क्षेत्र के किसान अपनी सैकड़ों एकड़ जमीन में फसल की बिजाई करने में असमर्थ हैं। पिछले कुछ समय से बारिश नहीं हुई, जिसका खामियाजा अब किसानों को उठाना पड़ रहा है। किसानों की जमीन बगैर बिजाई रह जाएगी।
माइनरों में सिंचाई के लिए पानी नहीं आने की शिकायत उन्हें किसानों द्वारा नहीं मिल पाई है, यदि ऐसा मामला है तो जल सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर मामले का हल निकाला जाएगा और किसानों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी, यदि किसानों को कोई समस्या है, कार्य दिवस के दिन किसान कार्यालय में मिलकर अपनी शिकायत दे सकते हैं, उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। -रणबीर सिंह, एसडीएम होडल