03पीएएलपी11- जिला नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए लगी लाइन।
03पीएएलपी12- निर्मल, निवासी रायपुर
03पीएएलपी13- नसीम, कालड़ा कॉलोनी
एक-दो गोली देकर बाहर से लेने के लिए कह देते हैं कर्मचारी
घंटों लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिलती दवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। सरकारी अस्पताल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावे हवाहवाई साबित हो रहे हैं। अस्पताल में मरीजों को देने के लिए सामान्य दवाईयां भी मौजूद नहीं हैं। मरीज घंटों ओपीडी की लाइन में लग कर पर्ची कटवाते हैं, उसके बाद डॉक्टर के कक्ष के बाहर खड़े रहते हैं। डॉक्टर से दवाई लिखवाने के बाद फिर से दवाइयों की लाइन में लगना पड़ता है। अंत में उन्हें पर्चे में लिखी हुई एक-दो दवाइयां ही मिलती हैं और बाकी को बाहर से खरीदने के लिए कह दिया जाता है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बाहर से दवाईयों को खरीदने के लिए मरीजों को अधिक खर्चा भी उठाना पड़ता है।
जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। स्वास्थ्य सेवा न मिलने पर मरीज इधर-उधर भटकते रहते हैं। कभी डॉक्टर नहीं मिलते तो कभी दवाई। लंबे समय से अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन न होने से लोगों के परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा एक्स-रे करने के लिए रेडियोग्राफर भी पलवल व होडल का कार्यभार है। अब अस्पताल में सामान्य बीमारियों की दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल में सामान्य दर्द, एलर्जी, गैस, आंखों में डालने की दवाईयां भी मौजूद नहीं है। शनिवार को हर मरीज के पर्चे में दो से तीन दवाई बाहर से लेने के लिए बोला जा रहा था।
मुझे शुगर की बीमारी है। मैंने डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने दवाई लिख दी। काफी देर लाइन में लगने के बाद खिड़की पर पहुंची तो कई दवाईयां बाहर से लेने के लिए कह दिया। - निर्मल, निवासी रायपुर
मुझे ब्लड प्रेशर की शिकायत है। अस्पताल में डॉक्टर द्वारा लिखी दवाई यहां मौजूद नहीं है। यदि मुझे बाहर से ही दवाई लेनी पड़ेगी तो सरकारी अस्पताल में आकर समय बर्बाद करने का क्या फायदा है। - नमीम, कालड़ा कॉलोनी
कुछ दवाईयों का स्टॉक खत्म हो गया है। दवाईयों की मांग के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। जल्द ही दवाईयों की आपूर्ति करवाने का आश्वासन मिला है। - डॉ. अजय माम, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, पलवल