जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव के फलस्वरुप बन रहा 35 बिरादरी का संगठन यहां बनने से पहले ही दरकने लगा है। मंगलवार को जिला व्यापार मंडल की तरफ से आयोजित बंद का व्यापार मंडल के दूसरे गुट ने बहिष्कार किया। वहीं सोमवार को पंजाबी धर्मशाला में हुई बैठक में अंतर्विरोध खुलकर सामने आया।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश में हुई हिंसा को लेकर लोग खासे गुस्से में हैं। प्रदेश के सभी हिस्सों में 35 बिरादरियों के लोग संगठन बनाकर रोष जता रहे हैं। दंगा प्रभावित व्यापारियों को नैतिक समर्थन देने के लिए अपने-अपने तरीके से रोष व विरोध प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। जिला व्यापार मंडल ने भी 25 फरवरी को एक बैठक कर मंगलवार दोपहर तक हड़ताल रखने का आह्वान किया था।
व्यापार मंडल ने सोमवार को बाकायदा मुनादी करवाकर व्यापारियों से अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील भी की थी, लेकिन सोमवार की देर रात तक पंजाबी धर्मशाला में चली 35 बिरादरी की बैठक में हरियाणा व्यापार मंडल की जिला इकाई ने यह कहते हुए इसका बहिष्कार कर दिया कि ऐसा करने से सरकार का विरोध झलकेगा।
फलस्वरूप मंगलवार को शहर के अधिकांश बाजार खुले रहे, हालांकि जिला व्यापार मंडल ने अपने प्रदर्शन को कामयाब बताया है।
वहीं सोमवार को पंजाबी धर्मशाला में पंजाबी सभा की अगुवाई में हुई 35 बिरादरी की बैठक में भी अंतर्विरोध खुलकर सामने आए। देर रात तक चली बैठक में एक बार तो जमकर विवाद हुआ।
इनेलो से जुडे़ पिछड़ा वर्ग के नेता रामकिशन पांचाल (चीकू मिस्त्री) ने अपने संबोधन में जाट समाज के सामाजिक बहिष्कार की बात कही। इसके आगे उन्होंने स्थानीय कांग्रेसी विधायक करण सिंह दलाल को भविष्य में वोट ना देने का प्रस्ताव रखा तो पंजाबी सभा के संरक्षक मास्टर तीरथ दास रहेजा उखड़ गए तथा उन्होंने इस पर ऐतराज जताया।
इस पर बैठक में टकराव की स्थिति पैदा हो गई। 10-15 मिनट तक चले विवाद के बीच ही रहेजा बैठक से चले गए। इसके बाद बैठक में कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ और भविष्य में जरूरत पड़ने पर इकट्ठे होने की बात कहने के साथ ही बैठक संपन्न हो गई।
व्यापार मंडल ने प्रदर्शन कर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
जिला व्यापार मंडल ने मंगलवार को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान व्यापारियों के हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। मंडल के अध्यक्ष संदीप गोयल व व्यापारी नेता मुकेश मित्तल की अगुवाई में तहसीलदार के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा।
इसमें मांग की गई है कि दंगे में शामिल उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और दंगों में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच कराई जाए। व्यापारियों ने कहा है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर पहल नहीं की गई तो 20 मार्च को पूरे जिले को बंद कर दिया जाएगा। सभी व्यापारी सड़कों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन में रोहतास खत्री, मास्टर जवाहर, देसराज मंगला, नरेश गांधी, आनंद मंगला, अनिल कुमार, प्रकाश वीर तनेजा, देवीराम सैनी, रोहित मित्तल, सुरेंद्र सिंगला, पप्पन शर्मा, देवेंद्र तायल, दीपक गोयल व संजय गोयल आदि मौजूद रहे।