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नाले तो हैं, पर नहीं है पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम

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पलवल (अनूप पाराशर)। शहर में बरसाती पानी व घरों के पानी की निकासी के लिए नाले व नालियां तो हैं, लेकिन उन नालों के पानी को आगे कहां डाला जाए, इसका इंतजाम नगर परिषद के पास नहीं है। न ही आज तक इस पर कोई योजना बनाई गई है। बल्कि तीन साल पहले इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्कालीन उपायुक्त द्वारा बनाई गई योजना भी आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई।
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ऐसे में शहर के लोग थोड़ी सी बारिश होते ही जलभराव की समस्या से परेशान हो जाते हैं। ठीक से योजना न बन पाने के कारण हालात ये हैं कि मात्र आधा घंटे की बारिश के बाद ही शहर पूरी तरह से डूबने लग जाता है। इसके अलावा दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर भी बारिश के पानी की निकासी के लिए जो नाला बनाया हुआ था, उसे भी आगे कहां डाला जाए, इसकी भी योजना राजमार्ग प्राधिकरण नहीं बना पाया। जिसके चलते हालात ये रहते थे कि हलकी सी बारिश होते ही शहर के अंदर नालियां व नालों का सारा पानी उमड़कर गलियों व सड़कों पर भर जाता है। इनके अलावा जो मुख्य समस्या है, वह नालों की पूरी तरह से सफाई न होना भी है। इसके चलते भी शहर में जलभराव हो जाता है।
गोछी ड्रेन में शहर के सभी नालों को जोड़ने की बनाई गई थी योजना
तत्कालीन उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा द्वारा तीन साल पहले 2019 में शहर के सभी नालों को तथा राजमार्ग के नाले को आपस में जोड़ते हुए गोछी ड्रेन से जोड़ने तथा नालों को पक्का करते हुए ड्रेन तक सफाई करने की योजना बनाई थी। इसके लिए उनके द्वारा इस कार्य के लिए करीब दो करोड़ रुपये का एस्टीमेट भी बनवाया था, लेकिन उनके तबादले के बाद इस तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिसके बाद से लेकर आज तक इस पर कोई काम नहीं हुआ।
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शहर के अंदर जलभराव की समस्या को दूर कराने के लिए नगर परिषद व प्रशासन को समस्या की जड़ तक जाना चाहिए। रिहायशी क्षेत्र की नालियों को नालों से जोड़ते हुए नालों को गोछी ड्रेन से जोड़कर शहर का सारा पानी उसमें छोड़ना चाहिए। बारिश के पानी के स्त्रोत भी नालों से जोड़ते हुए गोछी ड्रेन में डालना चाहिए, ताकि पानी शहर में न भरकर नालों से होते हुए गोछी ड्रेन में पहुंचे।
-गुलशन राय गोयल, शिक्षाविद
नगर परिषद को पहले कच्चे नालों को पक्का कराना चाहिए। इसके अलावा शहर के अंदर से गुजरने वाले भंगूरी राजवाले को भी पक्का कराते हुए सभी नालों को गोछी ड्रेन से जोड़ना चाहिए तथा तथा उनकी समय-समय पर सफाई करानी चाहिए, ताकि पानी ठीक से जाता रहे। इसके अलावा नालों के ऊपर बने चबूतरों को हटवाना चाहिए, ताकि समय-समय पर सफाई हो सके और पानी आगे जा सके। तभी जलभराव की समस्या दूर हो सकती है।
-केशव देव मुंजाल, पूर्व चेयरमैन नगर परिषद पलवल
शहर में जलभराव की समस्या को दूर कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं तथा स्थायी समाधान किए जा रहे हैं। ताकि आगे से बारिश होने पर कहीं भी जलभराव न हो। उपायुक्त ने भी शहर की पूरी स्थिति का जायजा लिया है। आगे प्रयास है कि जहां से भी समस्या है, उसेदूर करते हुए प्रयास किए जाएंगे कि शहर का सारा पानी बाहर आगे जा सके और शहर में जलभराव न हो।
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-कुलदीप सिंह मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद पलवल
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