फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला नागरिक अस्पताल में व्यवस्था सुधरी पर निजी में हालात जस के तस

विज्ञापन
विज्ञापन
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में पिछले दो दिन में व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों को ठीक से स्वास्थ्य सेवाएं दी जाने लगी हैं। ऑक्सीजन की समस्या भी लगभग दूर हो गई है। ऐसा अमर उजाला द्वारा पिछले कई दिनों से लगातार जिला नागरिक अस्पताल में अव्यवस्थाओं को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित करने के बाद हुआ है। शनिवार शाम जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया था। उन्होंने होडल स्थित अस्पताल में बनाए आइसोलेशन वार्ड में भी व्यवस्थाएं परखी थीं। भर्ती मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों से भी व्यवस्थाओं व स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली थी। सीएमओ के निरीक्षण के बाद अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल रही हैं। हालांकि निजी अस्पतालों का अब भी बुरा हाल है।
विज्ञापन

लोगों का आरोप है कि सरकार द्वारा निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं के रेट तय करने के बावजूद संचालक मनमाना पैसा वसूल रहे हैं। इस बात पर रविवार सुबह एक निजी अस्पताल में हंगामा भी हुआ। उधर, जिला नागरिक अस्पताल में रविवार को उपचार कराने आए संक्रमित मरीजों को ठीक से देखा गया और जरूरत के अनुसार भर्ती भी किया गया। जरूरत वाले मरीजों को तुरंत ऑक्सीजन भी लगाई गई। वहीं घरों व अन्य अस्पतालों में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराए गए। अस्पताल में आए अन्य बीमारियों के मरीजों को भी डॉक्टरों ने जांच के बाद दवाइयां लिखीं।
मरीज की मौत के बाद 4 लाख बिल मांगने पर हंगामा
निजी अस्पताल संचालक, संक्रमित मरीजों से मोटा पैसा वसूल रहे हैं। रविवार को भी निजी अस्पताल में एक युवा व्यापारी की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। आरोप था कि अस्पताल संचालकों द्वारा पहले ही पौने चार लाख रुपये उनसे जमा करा लिए और अब मरीज की मौत होने के बावजूद चार लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। इस बात पर हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर यह मामला छा गया और परिजनों के अलावा शहर के व्यापारी अस्पताल में एकत्रित होना शुरू हो गए। काफी हंगामा के बाद अस्पताल संचालक को युवक का शव परिजनों को सौंपना पड़ा। तब लोग शांत हुए।
विज्ञापन

पंजीकरण कराने के बाद घर पर मिलेगी ऑक्सीजन
घरों में आइसोलेट मरीजों को ऑक्सीजन के लिए सरकार के एक पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद रेडक्रॉस द्वारा ऑक्सीजन सिलिंडर मरीज के घर तक पहुंचाने का इंतजाम किया जाएगा। ऐसा निर्णय ऑक्सीजन की लगातार हो रही कालाबाजारी को रोकने के लिए लिया गया है। इससे सरकार को यह जानकारी मिलेगी कि कितने मरीजों को घरों पर ही ऑक्सीजन दी जा रही है। रविवार को रेडक्रॉस ने जिला नागरिक अस्पताल में बनाए गोदाम के इंचार्ज को यह जानकारी उपलब्ध कराई। वहां आने वाले लोगों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए जागरूक करने को कहा गया। रेडक्रॉस द्वारा भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
कंटेनमेंट जोन में तैनात किए पुलिस कर्मी
जिले में उपायुक्त द्वारा बनाए गए कंटेनमेंट जोन वाले क्षेत्रों में अब बैरिकेड लगाकर पुलिस कर्मी तैनात कर दिए हैं। इन क्षेत्रों में बिना वजह घूमने वाले लोगों पर सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस लोगों के चालान भी काट रही है। पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत ने पुलिस अधिकारियों से सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं।
दूसरे कर्मियों की ड्यूटी लगाने की मांग
जिला नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर उतरवाने व गाड़ियों में चढ़वाने के लिए तैनात किए लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने उपायुक्त से मांग की है कि अन्य विभागों के कर्मचारियों की भी ड्यूटी यहां लगाई जाए। रोस्टर सिस्टम लागू किया जाए। पिछले कई दिनों से लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी ही इस काम में लगे हैं।
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि जिले नागरिक अस्पताल, होडल नागरिक अस्पताल व अलावलपुर में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। इन अस्पतालों में निरीक्षण कर समस्याओं का तुरंत समाधान कराया है। विभाग के अधिकारियों व डॉक्टरों को भी व्यवस्था दुरुस्त रखने के आदेश दिए गए हैं। किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें