पलवल। आम बजट को सत्तापक्ष ने सराहा है। वहीं, विपक्ष ने पूरी तरह से नकारा है। विपक्ष ने इस बजट को आधारहीन और लोगों को गुमराह करने वाला बताया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार ने बजट में न तो किसानों के हित के लिए कुछ किया और न ही आम लोगों के लिए। कृषि सेस लगाने से डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे। सत्तापक्ष ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े आर्थिक पैकेज देने, सोने पर आयात शुल्क घटाने और कोई नया कर न लगाने का स्वागत किया है।
केंद्रीय वित्तमंत्री ने इस बार जिस तरह से स्वास्थ्य क्षेत्र पर फोकस किया है, वह वास्तव में सराहनीय कदम है। स्वास्थ्य सेवाओं पर 2.5 लाख करोड़ खर्च करने वाले बजट से आम और मजदूर वर्ग को फायदा पहुंचेगा। देश में 75 नए हेल्थ सेंटर खोलने की योजना से भी लोगों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा लोहे, स्टील, सोने और चांदी की कीमतों में कमी आने से आम आदमी को काफी फायदा होगा।
- दीपक मंगला, विधायक पलवल
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आम, गरीब, किसान और मजदूर विरोधी बजट है। बजट में कुछ भी ऐसा नहीं है, जिससे आम लोगों और किसानों को फायदा मिले। कृषि सेस लगाकर डीजल और पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी होगी। इससे लोगों को नुकसान और उद्योगपतियों को फायदा होगा। बजट में बेरोजगारों के लिए भी कोई ऐसा प्रावधान नहीं है, जिससे उन्हें रोजगार मिल सके। सरकार का बजट पूरी तरह से फेल है।
- करण सिंह दलाल, पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता पलवल
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आयात शुल्क घटाने से सोने और चांदी के दामों में कमी आएगी। पिछले दो सालों में जिस तरह से सोने और चांदी के दामों में उछाल आया है, उससे आम आदमी को सोना और चांदी खरीदना मुश्किल हो गया था। 5 फीसदी की कटौती करने से सोने के दाम कम होंगे। आम लोगों को फायदा होगा।
- डॉ. रंजना गुप्ता, शिक्षाविद्
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खाने के तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी से महिलाओं का बजट बिगड़ेगा। बजट में वैसे तो आम वर्ग के लिए कुछ नहीं है, लेकिन रसोई में काम आने वाली वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोत्तरी करना बेहद गलत है। इसका सबसे ज्यादा असर आम और गरीब परिवारों पर पड़ेगा। वैसे ही महंगाई के कारण गरीब आदमी का रोटी खाना मुश्किल हो रहा है।
- अनीता भारद्वाज, गृहणी
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स्वास्थ्य क्षेत्र पर अधिक ध्यान देना आम लोगों के हित में है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 2.5 लाख करोड़ का पैकेज देना और 75 नए हेल्थ सेंटर खोलने से आम व गरीब-मजदूर वर्ग को लाभ होगा। सरकार का बजट सराहनीय है। सरकार ने हर वर्ग का ध्यान रखने का प्रयास किया है। कोई नया कर न लगाने से भी लोगों को लाभ मिलेगा।
- राजीव लांबा, जजपा नेता, पलवल
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बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं है। सरकार ने किसानों को कुछ न देकर साबित कर दिया है कि सरकार किसान विरोधी है और कृषि कानून भी किसानों के हित में नहीं है। कानूनों के खिलाफ चल रही किसानों की लड़ाई जायज है। कृषि सेस लगाने से डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे। इससे किसानों पर भी सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। सरकार केवल दिखावा कर रही है।
- रतन सिंह सौरोत किसान नेता पलवल
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जीएसटी की दरों में कमी न करने का असर व्यापारियों पर पड़ेेगा। इसके अलावा खाने के तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी का असर भी पड़ेगा। पहले ही तेल की कीमतें ज्यादा थी। अब कीमतें और बढ़ने से व्यापार पर असर पड़ेगा। सरकार को खाने के तेल की कीमतों पर बढ़ोत्तरी को वापस लेना चाहिए।
- प्रवीण गर्ग, प्रदेश संगठन सचिन हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल