- 14.70 लाख रुपये के बजट की योजना पर काम शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। पिछले दो दशकों से चार हजार की आबादी वाले गांव पहाड़ी के लोग पेयजल संकट से परेशान रहते हैं। गांव का आंतरिक भूमि जल खारा है। इस कारण आम आदमी पेयजल के लिए जन स्वास्थ्य विभाग की सप्लाई पर निर्भर रहता है। ग्रामीणों को पेयजल सप्लाई के लिए सरकार ने एक लाख 50 हजार लीटर की क्षमता का वाटर टैंक भी बनवाया। इसके बावजूद सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया। अब जन स्वास्थ्य विभाग ने पहाड़ी गांव की समस्या के निवारण के लिए हर घर की रसोई तक पानी की व्यवस्था करने के लिए योजना बनाई है। इसके तहत गांव की सभी छोटी बड़ी आंतरिक गलियों में हर घर द्वार तक पेयजल पाइपलाइन बिछाने की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है।
जन स्वास्थ्य विभाग इस परियोजना पर 14 लाख 70 हजार रुपये खर्च कर रहा है। इस योजना के तहत गांव के 800 से अधिक घरों में प्रत्येक रसोई तक पानी का नल लगाकर पानी पहुंचाया जाएगा। इस योजना पर जन स्वास्थ्य विभाग ने काम करना भी शुरू कर दिया है। इससे पेयजल का संकट नहीं रहेगा। अगले दो महीने के अंदर पाइपलाइन पूर्ण रूप से बिछा दी जाएगी। गांव निवासी युवा समाजसेवी लव कुश रावत ने बताया कि हाल तक गांव में पानी आ रहा था। परंतु वह जरूरत के हिसाब से कम आ रहा था। अब उम्मीद है कि सभी घरों में पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा।
योजना के तहत सर्वेक्षण के आधार पर पानी के कनेक्शन कर भी दिए हैं। जिन घरों में कनेक्शन नहीं लगे हैं उन घरों में भी कनेक्शन लगा दिए जाएंगे। गांव को यमुना किनारे स्थापित की गई रेनीवेल परियोजना का स्वच्छ पानी मिलेगा।- आरिफ अंसारी, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग