फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Palwal News: सवा छह एकड़ में बसेगी न्याय की नई इमारत

विज्ञापन
विज्ञापन
41 करोड रुपये की लागत आएगी
विज्ञापन

ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स के लिए मुबारिकपुर में जगह चिह्नित
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। क्षेत्र के लोगों और अधिवक्ताओं की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। मुबारिकपुर गांव में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स (न्यायिक परिसर) के निर्माण की प्रशासनिक व तकनीकी प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रशासन द्वारा इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए सवा 6 एकड़ की बहुमूल्य भूमि चिह्नित की गई है, जिस पर लगभग 41 करोड रुपये की लागत से परिसर का निर्माण किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग ने परियोजना का खाका तैयार कर लिया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक स्वीकृतियों और कागजी प्रक्रियाओं को तेजी से निपटाया जा रहा है, ताकि दिसंबर माह में ही निर्माण कार्य की नींव रखी जा सके।
विज्ञापन

परिसर में अदालत भवन के साथ-साथ परिसर के भीतर ही न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए एक सर्व सुविधायुक्त रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स (आवासीय परिसर) भी तैयार किया जाएगा। पर्यावरण और सुगम आवाजाही को ध्यान में रखते हुए, जमीन का एक बड़ा हिस्सा हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट), चौड़ी आंतरिक सड़कों और विशाल पार्किंग ज़ोन के लिए आरक्षित रहेगा।
लघु सचिवालय के तंग कमरों से मिलेगी राहत
वर्तमान में उपमंडल स्तर की अदालतें शहर स्थित लघु सचिवालय के सीमित व तंग कमरों में संचालित हो रही हैं। जगह की भारी कमी के कारण प्रतिदिन कोर्ट आने वाले फरियादियों, वकीलों और कर्मचारियों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ता था। नए विशाल परिसर के बनने से न्यायिक कामकाज न केवल अधिक सुचारू और पारदर्शी होगा, बल्कि मुकदमों के निपटारे में भी तेजी आएगी।
वर्जन
ज्यूडिशियल कॉपलेक्स के निर्माण का टेंडर लग चुका है जबकि रेजिडेंशियल कंपलेक्स के कागजी कार्यवाही की जा रही है। जगह की साफ सफाई कराई जा रही है। दिसंबर के पहले सप्ताह में निर्माण कार्य शुरु हो जाएगा। - प्रदीप सिद्धू, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग

बातचीत
अभी तक उपमंडल की अदालतें शहर के लघु सचिवालय के सीमित और तंग कमरों में चल रही थीं, जिसके कारण वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। - अनवर खान, एडवोकेट
लघु सचिवालय में जगह की भारी कमी से वकीलों और मुवक्किलों को रोजाना बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वकीलों के लिए भी चैंबर बनाने का काम जल्द शुरू होगा। नया कॉम्प्लेक्स बनने से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। - लतीफ, प्रधान, बार एसोसिएशन
विज्ञापन

ज्यूडिशियल कॉपलेक्स की वकील लंबे समय से मांग कर रहे थे। भवन निर्माण के बाद न केवल वकीलों को बल्कि आम लोगों को भी इसका पूरा लाभ मिलेगा। - शेर मोहम्मद, एडवोकेट
कुछ दिनों पहले लघु सचिवालय में शिफ्ट कर दिया। जगह की कमी के कारण वकीलों सहित आम लोगों को परेशानी का सामना करना पडता है। - रफीक अहमद, एडवोकेट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें