1 के पीछे कई गाड़ियां चलती दिख रहीं वीडियो में
परिजन पहले से ही एनकाउंटर को बताते आ रहे फर्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। बीती 15 अक्तूबर की सुबह पुलिस मुठभेड़ में गो तस्कर शाहिद उर्फ आडवाणी की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए मृतक के परिजनों ने पहले से ही सवाल उठाए थे। अब इस मामले से जुड़ी 4 से 5 सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें कई गाड़ियां एक गाड़ी का पीछा करती हुई दिखाई दे रही हैं। परिजन इन्हीं फुटेज को सबूत के तौर पर पेश कर रहे हैं। हालांकि वायरल फुटेज में दिख रही गाड़ियां किसकी हैं और फुटेज की सत्यता कितनी है, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है, लेकिन फुटेज सामने आने के बाद यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया है।
परिजनों के अनुसार फुटेज में 4 से 5 गाड़ियां शाहिद की गाड़ी का पीछा करती नजर आ रही हैं, जिनमें एक पुलिस की गाड़ी है और बाकी प्राइवेट गाड़ियां हैं। परिजन हबीब और अन्य परिजनों का आरोप है कि विरोधी पक्ष ने पुलिस के साथ मिलकर इस हत्या को मुठभेड़ का रूप दिया है। उनका दावा है कि उनकी गांव के ही एक विरोधी पक्ष से पुरानी रंजिश है और उसी पक्ष के लोगों ने पुलिस से मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। उनका कहना है कि एनकाउंटर से पहले प्राइवेट लोगों ने शाहिद के साथ मारपीट की, उसके हाथ-पैर तोड़े और फिर सिर व छाती में गोली मारी। शरीर पर कुल पांच गोलियां लगी हैं, जो पुलिस एनकाउंटर में सीधे तौर पर नहीं लगतीं।
परिजनों ने बताया कि यह मामला रोजका मेव थाने में दर्ज हुआ था और मौके से दो साथी फरार हो गए थे। उन्होंने ही उन्हें प्राइवेट लोगों द्वारा हमला करने की जानकारी दी है।