सिविल अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटरों को ठेके पर रखने और एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को लेकर दूसरे दिन बुधवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। वहीं पहले दिन के धरना प्रदर्शन में जिला सिविल सर्जन द्वारा एक कंप्यूटर आपरेटर को बर्खास्त करने के मामले में कर्मचारियों का गुस्सा और भड़क गया। कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय पर हंगामा कर दिया और सिविल सर्जन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारियों का कहना था कि सिविल सर्जन ने कंप्यूटर ऑपरेटर प्रदीप को धरना प्रदर्शन करने पर बर्खास्त कर दिया है। कर्मचारियों ने कहा कि इस तरह हड़ताल में शामिल होने पर किसी को बर्खास्त करना गलत है, यदि कर्मचारी को बहाल नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। धरने के दूसरे दिन कर्मचारियों ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत सिविल अस्पताल में सैकड़ों कर्मचारी कार्यरत हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक ने पत्र भेजकर 20 फीसदी स्टाफ की छंटनी किए जाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा लगातार स्टाफ को कम किया जा रहा है। कर्मचारियों को कार्य के अनुसार वेतनमान कम दिया जा रहा है। जबकि हेल्थ मिशन के तहत अन्य प्रदेशों में वेतन काफी अधिक है। लेकिन स्वास्थय विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की इस समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं। धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रधान राजवती ने की व संचालन दिवाकर ने किया। धरना प्रदर्शन को कई कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।