फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रशासन ने नहर की टूटी पटरी पर मिट्टी डलवा पानी रोका

विज्ञापन
विज्ञापन
पलवल। गांव बाता के समीप आगरा कैनाल की पटरी टूटने से जंगलों में हो रहे जलभराव की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के साथ ही प्रशासन सतर्क हो गया तथा मौके पर जाकर टूटी पटरी को मिट्टी से बंद करवाकर जंगलों में जा रहे पानी के बहाव को रुकवा दिया। अमर उजाला के इस प्रयास को गांव के लोगों ने काफी सराहा तथा इसके लिए धन्यवाद भी किया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि इस पटरी को जल्द दुरुस्त कर पानी के बहाव को नहीं रोका जाता तो बाता सहित आसपास के गांवों के खेतों में खड़ी फसलों में पानी घुस जाता, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता।
विज्ञापन

शनिवार देर रात गांव लुलवाड़ी से बाता के बीच आगरा केनाल की पटरी अचानक टूट गई। शनिवार सुबह जब किसान खेतों में पहुंचे तो केनाल के समीप खाली पड़ी जमीन में काफी पानी भरा हुआ था। पानी से फसलों को नुकसान न हो, इसके लिए किसानों ने अपने खेतों की पगदंडी को मजबूत करना शुरू कर दिया, लेकिन नहर का पानी लगातार खेतों की ओर बढ़ रहा था।
इस बाबत गांव बाता निवासी किसान गंगादान, धर्मबीर, मनिराम, विष्णु, लखमी, चिम्मन, लिखीराम, तरुण, मुकेश, सुंदर व श्याम तथा गांव लुलवाड़ी निवासी संतू, मांगे, अमरौली निवासी विक्रम, सतन, सतपाल व राकेश ने प्रशासन से शिकायत भी की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इसके बाद लोगों ने अमर उजाला को इस बारे में बताया। अमर उजाला ने इसे 1 मार्च के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इतना ही नहीं ग्रामीणों की इस समस्या से उपायुक्त को भी अवगत कराया, जिसके बाद उपायुक्त ने तुरंत मौके पर अधिकारी भेजे। अधिकारियों ने वहां पहुंचकर मौका देखा तथा जल्द ही वहीं मिट्टी डलवाकर उस टूटी हुई पगदंडी को ठीक करा पानी को रोका।
विज्ञापन

अमर उजाला का आभार जताया
गांव बाता के नंबरदार त्रिलोक चंद ने इस समस्या का जल्द हल कराने के लिए अमर उजाला का धन्यवाद किया है। उनका कहना है कि यदि इस समस्या का जल्द हल नहीं होता तो बाता सहित अन्य आसपास के गांवों में खड़ी फसलें खराब हो जातीं। उन्होंने प्रशासन का भी धन्यवाद किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें