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Palwal News: स्वतंत्रता सेनानी हीरालाल स्टेडियम में बनेगा सिंथेटिक ट्रैक, मिली मंजूरी

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9.68 करोड़ रुपये होंगे खर्च, 50 गांवों के युवाओं को प्रतिभा निखारने में मिलेगी मदद
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रोशनलाल शर्मा
होडल। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए गांव बंचारी में स्वतंत्रता सेनानी हीरालाल खेल स्टेडियम में नौ करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के निर्माण कार्य को मंजूरी दी है। प्रदेश के खेल मंत्री गौरव गौतम ने ट्रैक निर्माण कार्य के लिए चार करोड़ 84 लाख 40 हजार रुपये गांव की पंचायत में भेजे हैं। गांव के सरपंच सीताराम नंबरदार ने मुख्यमंत्री नायब सैनी व खेल मंत्री गौरव गौतम के अलावा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया है। इस योजना से स्टेडियम में 400 मीटर का आठ लेन का सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का निर्माण, समतलीकरण, ड्रेसिंग, ट्रैक के चारों और रेलिंग पर काम शुरू होगा।
दरअसल, प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जन संवाद कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने गांव में सिंथेटिक ट्रैक बनाने की मांग की थी। जिस पर मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में ग्रामीण स्तर पर पहला सिंथेटिक ट्रैक बनकर तैयार होगा। इससे क्षेत्र के लगभग 50 गांवों के युवाओं को प्रतिभा निखारने में मदद मिलेगी। गांव के स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनने से यहां पर भी अन्य जिले से लेकर नेशनल स्तर की खेल प्रतियोगिताएं कराई जा सकेंगी। जिले के अलावा अन्य जिलों के खिलाड़ी भी यहां आकर अभ्यास कर सकेंगे। जिले के खिलाड़ियों को फरीदाबाद या अन्य जगह प्रैक्टिस के लिए नहीं जाना पड़ेगा। ट्रैक के बनने से बड़े खिलाड़ी तैयार होंगे। अभी स्टेडियम में सेंडर ट्रैक बना है। इस पर दौड़ने से खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा रहता है। सिंथेटिक ट्रैक बनने से यहां दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक, भाला फेंक सहित 100 मीटर से लेकर दस हजार मीटर तक की दौड़ प्रतियोगिता हो सकेगी।
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क्या है सिंथेटिक ट्रैक

खेल विशेषज्ञ के अनुसार सिंथेटिक ट्रैक एक खास तरह के रबर को कुसिंग करके बनाया जाता है। ट्रैक बनाने के लिए पहले मिट्टी और रोड़ी की कई परतें बिछाई जाती हैं। इसके बाद समतलीकरण कर सड़क बनाने का काम किया जाता है और फिर ट्रैक के चारों ओर रेलिंग लगाई जाती है। इसके बाद प्लास्टिक की घास बिछाई जाती है और ट्रैक तैयार होता है। इस ट्रैक पर आठ लेन बनवाई जाएगी। एक लेन की चौड़ाई 1.22 से 1.25 मीटर तक होती है।
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गांव की पंचायत के खाते में भेज दी गई है राशि

प्रदेश सरकार जिले से खेल प्रतिभाओं को निखारने में जुटी हुई है। सरकार की ओर से जगह-जगह खेल स्टेडियम बनाने की योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में जहां पलवल जिले में अंतरराष्ट्रीय खेल स्टेडियम बनाने की मंजूरी के बाद गांव बंचारी में सिंथेटिक ट्रैक को मंजूरी दी गई है। ट्रैक के निर्माण के लिए गांव की पंचायत के खाते में राशि भेज दी गई है। खेल जगत में आने वाले समय में हरियाणा के खिलाड़ियों में पलवल जिले के खिलाड़ियों का नाम शामिल होगा। जिले में लगातार खेल विभाग की परियोजनाओं को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय खेल स्तर प्रतियोगिताओं में पलवल के खिलाड़ी भी शामिल होंगे। - गौरव गौतम खेल मंत्री हरियाणा सरकार
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