जिले के गन्ना किसान 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री द्वारा किए गए दावे से आहत हैं। पीएम मोदी ने लालकिले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए दावा किया था कि गन्ना किसानों का 95 फीसदी से अधिक भुगतान कर दिया गया है।
लेकिन यहां के किसानों का कहना है कि स्थिति वह नहीं है, जो पीएम कह रहे हैं। पलवल जिले के किसानों का दावा है कि किसानों की अभी तक करीब 25 फीसदी से अधिक भुगतान राशि बकाया है। जिसके लिए वे अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं व एसडीएक के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भी भेजा गया है।
बानमीखेड़ा स्थित सहकारी शुगर मिल के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार पिछले पिराई सत्र में चीनी मिल में 17.53 लाख क्विंटल गन्ने की आमद हुई थी। जिसका कुल भुगतान करीब 54 करोड़ रुपया बनता है। गन्ना किसानों का करीब 13 करोड़ रुपये का भुगतान मिल की तरफ बकाया है। यानि कि किसानों का करीब 25 फीसदी भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है।
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-गन्ना किसानों के बकाया मामले में शायद अधिकारियों ने सरकार तक सही आंकड़े नहीं पहुंचाए हैं। मैनें चीनी मिल को करीब 600 क्विंटल गन्ना मिल को पिराई सत्र में दिया था। जिसका कुल भुगतान करीब 1 लाख 80 हजार रुपया बनता है, लेकिन उसे अभी तक केवल 90 हजार रुपए का भुगतान किया गया है।
-सांवलिया, गन्ना उत्पादक किसान, गांव मिंडकौला।
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-आज तक कभी भी गन्ना किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिला। जिसके चलते गन्ना किसान बेहाल रहता है। अब भी उनका 50 फीसदी से अधिक भुगतान सरकार की तरफ बकाया है।
-विजय, गन्ना उत्पादक किसान, स्यारौली।
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-पलवल के गन्ना किसानों का 13 करोड़ से अधिक बकाया भुगतान रुका हुआ है। 10 अगस्त को ही लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सात दिन में बकाया भुगतान की मांग की थी। वो समय सीमा निकल चुकी है, अब किसानों के साथ आंदोलन किया जाएगा।
-सुखराम डागर, गन्ना किसान व पूर्व निदेशक, शुगर मिल।
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-गन्ना किसानों का कितना भुगतान बकाया है, उसका उन्हें सही आंकड़ा तो नहीं पता। जो बकाया भुगतान बचा हुआ है, जैसे ही सरकार से आ जाएगा, किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा।
-अशोक शर्मा, डीसी व चेयरमैन, सहकारी शुगर मिल, पलवल।