हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के तत्वाधान में मंगलवार को ब्राह्मण धर्मशाला में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन में प्रदेश के कर्मचारियों की स्वीकृत मांगों को लागू कराने के लिए 13 नवंबर को जिले के सभी विभागों के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल करने का फैसला किया गया।
सम्मेलन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रमेश चंद ने की। सम्मेलन के मुख्य वक्ता प्रदेश सचिव सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार ने घोषणा करने के बाद भी आज तक प्रदेश के कर्मचारियों को न तो केंद्र के समान वेतनमान दिए हैं और न ही पड़ोसी राज्यों के बराबर। इसकी वजह से कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष है। सुभाष लांबा ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारी विरोधी निजीकरण, ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग जैसी नीतियों पर तुरंत रोक लगाए अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले काफी वर्षों से प्रदेश में सरकारी विभागों में कोई भर्ती नहीं की गई है, जिसकी वजह से हर विभाग में काफी संख्या में पद खाली पड़े हुए हैं। इसकी वजह से कर्मचारियों पर काम का बोझ भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेढ़ लाख के करीब कच्चे कर्मचारी हैं, जो कई वर्षों से कार्य कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनको पक्का करने के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई। उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों का वर्षों से शोषण किया जा रहा है।
सम्मेलन में रमेश चंद व अमर सिंह दहिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के बराबर वेतन-भत्ते देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री प्रदेश को नंबर वन बनाने का वायदा करते हैं, दूसरी तरफ प्रदेश के कर्मचारियों को यूपी, बिहार, झारखंड, ओडिशा से भी कम वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो 13 नवंबर को प्रदेश के कर्मचारी हड़ताल करेंगे।
सम्मेलन में मुख्य रूप से जिला सचिव धर्मचंद, धनमत, राजेश शर्मा, सतबीर सिंह, श्रीपाल भाटी, राकेश शर्मा, मोहर सिंह, हनुमान प्रसाद पाठक व बनवारी लाल आदि मौजूद थे।