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एसआरएस की जमीनों को अटैच करने की खबर से बढ़ी वहां रहने वाले लोगों में बेचैनी

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पलवल। एसआरएस ग्रुप की जमीन को अटैच करने की शुरू की गई प्रक्रिया के बाद पलवल के सेक्टर-6 में बने फ्लैटों व विला में रहने वाले लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। शनिवार को लोगों ने अपने-अपने स्तर पर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। कुछ लोगों ने तो वकीलों के पास जाकर भी इस मामले में कैसे सुरक्षित रहा जाए तथा अपनी लगाई हुई जमा पूंजी को किस तरह से बचाया जाए, इसकी भी राय ली। इतना ही नहीं, लोग नेताओं से भी संपर्क कर इस मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलाने की भी मांग करने लगे हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) व आयकर विभाग के आदेश पर एसआरएस ग्रुप की जमीन अटैच की जा रही है जिसके बाद तहसीलदार ने एसआरएस ग्रुप की हाउसिंग सोसाइटियों में बने फ्लैट, विला व जमीनों की रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी है। इसके अलावा एसआरएस की जिले में कहां-कहां जमीनें हैं, उनकी जांच करनी शुरू कर दी गई है, ताकि उन जमीनों का पता लगाकर उन्हें कुर्क कराया जा सके। इससे उन लोगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जो अपनी मेहनत की सारी जमा पूंजी इन सोसाइटियों में फ्लैट, विला व जमीन खरीदने में लगा चुके हैं। उन फ्लैटों व विला में रह रहे हैं। जैसे ही उन्हें संपत्ति अटैच करने की जानकारी मिली, उनके होश से उड़ गए हैं।
घोटाले का खामियाजा लोग क्यों भुगतें
एसआरएस सेक्टर पांच रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतराम शर्मा तथा सेक्टर छह रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र शर्मा उर्फ बिन्नू का कहना है कि एसआरएस द्वारा किए गए घोटाले व भ्रष्टाचार का शिकार ये गरीब लोग क्यों हों। इसका खामियाजा लोग क्यों भुगतेंगे। पलवल के सेक्टर 5 व 6 की ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले लोगों द्वारा अपनी जिंदगी भर की मेहनत की पूंजी लगाकर फ्लैट, विला व जमीनें खरीदी हैं। इन्हें अटैच नहीं किया जाना चाहिए। बल्कि जो जमीनें आज भी खाली पड़ी हैं और वे एसआरएस के नाम पर हैं, उन्हें अटैच करना चाहिए। पहले वे लोग अपने खर्च पर फ्लैटों को दुरुस्त करा कर रह रहे हैं। सरकार को उनकी तरफ भी ध्यान देना चाहिए।
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ग्रुप की जमीनों की जांच की जा रही है
अतिरिक्त उपायुक्त सतेंद्र दूहन ने बताया कि ईडी और आयकर के दिशानिर्देश अनुसार, एसआरएस ग्रुप की जमीन अटैच कर दी गई है। इस ग्रुप ने अलग-अलग नामों से भी हाउसिंग सोसाइटियां बनाई हुई हैं। इन सोसायटियों पर भी यह आदेश लागू होंगे। एसआरएस ग्रुप से जुड़े सभी ग्रुपों की जिले में जहां भी जमीन है, उसकी जांच की जा रही है और अटैच किया जा रहा है। ऐसे हालात में हाउसिंग सोसायटियों में बसे लोग न तो इस जमीन को बेच पाएंगे और न ही इस पर लोन ले पाएंगे।
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