राज्य सरकार द्वारा पंचायत राज के विकास कार्याें में ग्रामीण स्तर पर सोशल ऑडिट के लिए बनाई जा रही निगरानी समितियों का हथीन के सरपंचों ने विरोध किया है। इस मुद्दे को लेकर हथीन के कई गांवों के सरपंचों ने ब्लॉक ऑफिस में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता बहीन के सरपंच श्याम सिंह ने की।
सरपंचों ने एक स्वर से कहा कि सरकार का यह कदम सरपंचों के कामकाज में सीधा-सीधा हस्तक्षेप है। निगरानी समितियों से मतभेद उभरेंगे और विकास कार्य प्रभावित होंगे। इसके अलावा सरपंचों ने बीडीपीओ द्वारा आए दिन किए जा रहे सचिवों के तबादलों पर भी नाराजगी जाहिर की है।
सरपंचों ने मंाग की है कि बीडीपीओ को सप्ताह में दो दिन हथीन ब्लॉक मुख्यालय पर रहकर सरपंचों की समस्याओं का निपटारा करने के निर्देश होने चाहिए। इस बारे में सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने हथीन के एसडीएम सतेंद्र सिवाच को लिखित ज्ञापन भी दिया। उपस्थित सरपंचों ने रूपडाका के मोहम्मद हुसैन, खिल्लूका के ताराचंद, गुराकसर के मोहम्मद खान, छांयसा की सुनीता, मठेपुर की सीमा, मानपुर की मिथलेश, खेड़ली जीता के गोपाल, खाईका के इकबाल, अंधोप के नरेश एवं भीमसीका के राजेंद्र ने भी सरपंचों की मांगों पर अपना समर्थन दिया।