फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Palwal News: पलवल रेलवे स्टेशन पर 17 करोड़ की लागत से होगा सिग्नलिंग कार्य, यात्रियों को होगा लाभ

विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को मिलेगा अधिक सुरक्षित सफर
विज्ञापन

-समय से ट्रेन चलने और अपने गंतव्य पर पहुंचने से रोजाना सफर करने वालों को मिलेगा अधिक लाभ

मोहित शुक्ला

पलवल। पलवल रेलवे स्टेशन पर आधुनिक तकनीक से सुसज्जित सिग्नलिंग सिस्टम लगाने के लिए प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया गया है। उत्तर रेलवे द्वारा 17 करोड़ रुपये की लागत से इनडोर व आउटडोर सिग्नलिंग कार्य व डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम की स्थापना की जाएगी। यह कार्य पलवल से रुण्डी सेक्शन के बीच चौथी रेल लाइन के निर्माण से संबंधित है जो क्षेत्र की रेलवे संरचना को और मजबूत बनाएगा।

इस कार्य के अंतर्गत न केवल पलवल स्टेशन पर सिग्नलिंग व्यवस्था का आधुनिकीकरण किया जाएगा, बल्कि इसके साथ लगते स्टेशनों और रेलखंडों के बीच ब्लॉक वर्किंग को भी जोड़ा जाएगा। इससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगी। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार 27 मई को उचित संस्था का चयन कर इसके करीब 15 दिनों बाद जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे रेलवे ट्रैक की क्षमता भी बढ़ जाएगी। यह सिस्टम लगाए जाने के बाद ट्रैक पर एक साथ कई ट्रेन सुरक्षित तरीके से चल सकेंगी। अभी एक ट्रेन के अगले स्टेशन पर पहुंचने की सूचना के बाद ही अगली ट्रेन रवाना की जाती है लेकिन सिस्टम अपडेट होने के बाद ऐसा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पलवल से चलने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ वह समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगी।
विज्ञापन


क्या है डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम

डिस्ट्रीब्यूटेड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम एक अत्याधुनिक तकनीक है, जिससे रेलवे ट्रैफिक का नियंत्रण कंप्यूटर आधारित होता है। इसके माध्यम से सिग्नलों, पटरियों और प्वाइंट्स का संचालन स्वचालित रूप से किया जा सकता है। इससे मानवीय भूलों की संभावना नगण्य हो जाती है और सुरक्षा स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है। यह प्रणाली पहले से लागू पुराने मैकेनिकल या रिले-आधारित सिस्टम की तुलना में अधिक तेज, सटीक और भरोसेमंद होती है।

जनता को होगा सीधा लाभ

इस परियोजना से पलवल और आसपास के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ होगा। सबसे बड़ा फायदा ट्रेनों की समयपालनता में सुधार के रूप में देखने को मिलेगा। मौजूदा समय में सिग्नलिंग में देरी या खराबी के कारण कई बार ट्रेनें देर से चलती हैं। नए सिस्टम के आने से ये समस्याएं लगभग समाप्त हो जाएंगी। वहीं, दूसरा बड़ा लाभ सुरक्षा में वृद्धि के रूप में सामने आएगा। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम रेलवे संचालन को पूरी तरह सुरक्षित बनाता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बहुत हद तक कम हो जाती है। साथ ही, ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की संभावनाएं भी इससे खुलेंगी, क्योंकि ट्रैक और सिग्नलिंग की क्षमता में वृद्धि होगी।
विज्ञापन



रेलवे प्रशासन की पहल

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना उत्तर रेलवे के दीर्घकालिक विकास योजना का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत बड़े स्टेशनों पर उच्च तकनीक आधारित सिस्टम लगाए जा रहे हैं। पलवल स्टेशन का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यह दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। पलवल स्टेशन पर प्रस्तावित यह परियोजना केवल एक तकनीकी उन्नयन नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा, समय की बचत और समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि यह कार्य तय समय पर और कुशलता से पूरा हो गया तो पलवल रेलवे स्टेशन राज्य के सबसे आधुनिक स्टेशनों में शामिल हो जाएगा।


यह कार्य मथुरा की तरफ से शुरू होता हुआ पलवल की तरफ आएगा। जल्द ही लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। - अरुण सिंह, स्टेशन अधीक्षक, पलवल
-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें