सूरजकुंड थाना पुलिस ने किशोरी को दिल्ली से किया था बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड थाना इलाके से किशोरी (15) का अपहरण कर दो युवक ले गए और वेश्यावृत्ति के लिए बेच दिया था। पुलिस ने 2017 में किशोरी को दिल्ली से बरामद कर अपहरण करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को अदालत ने भगौड़ा घोषित कर दिया था। 18 सितंबर 2022 को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को जिला अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए सात साल कैद और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
अप्रैल 2017 में किशोरी के पिता ने सूरजकुंड थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि बेटी लापता है। पुलिस ने किशोरी को दिल्ली से बरामद कर लिया। आठ जुलाई 2017 को सूरजकुंड थाना पुलिस ने नाबालिग के बयान के बाद पॉक्सो एक्ट, अपहरण, वेश्यावृत्ति करवाने इत्यादि की धारा जोड़कर अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। 10 जुलाई 2017 को मामले में शामिल आरोपी कलाम व महबूब को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने पीड़िता को दिल्ली में जिसे बेचा था, पुलिस ने शीला नाम की महिला को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने वाहिद तथा अशरफ को गिरफ्तार किया, उन्होंने अपनी गाड़ी में किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने वारदात में प्रयोग गाड़ी भी बरामद कर ली थी। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। अदालत ने मामले में कलाम, महबूब और शीला को पहले ही सजा सुना दी थी। पूछताछ में सामने आया आरोपियों ने किशोरी के पास अशरफ नाम के युवक को गलत काम के लिए भेजा था। केस दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया। 24 जुलाई 2019 को जिला अदालत ने अशरफ को भगोड़ा घोषित कर दिया। 18 सितंबर को पुलिस ने आरोपी को पकड़कर अदालत में पेश किया। सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 साल कैद और 50,000 जुर्माना की सजा सुनाई। सरकारी अधिवक्ता प्रताप सिंह ने पुलिस की तरफ से पैरवी की थी। पुलिस टीम ने दिसंबर 2019 में चार्जशीट पेश कर गवाहों और ठोस सबूतों के आधार पर आरोपी को सजा दिलाने का कार्य किया।