17 सितंबर से दो अक्तूबर तक चलाया जाना है अभियान, शहर की सड़कों पर लगा कूड़े का ढेर
राहुल राज
पलवल। सेवा पखवाड़ा 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलेगा। जिला प्रशासन ने सेवा पखवाड़ा के तहत जिले में स्वच्छता अभियान जोर-शोर से शुरू किया था। बुधवार को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर नगर परिषद के बड़े अधिकारी से लेकर मंत्री तक सड़कों पर सफाई करते दिख रहे थे। बृहस्पतिवार को सभी का जोश ठंडा पड़ गया। 15 दिन चलने वाले अभियान को दो दिन में ही समेटकर अधिकारियों ने किनारे रख दिया। अब हालात ये हैं कि सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। कूड़े की ढेरों से उठती बदबू और फैलती गंदगी से राहगीर और निवासी दोनों परेशान हैं। मवेशी खुले में फैले कचरे को खाते दिखाई दे रहे हैं।
बृहस्पतिवार को जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र कुमार ने गांव मांदकौल में झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सीईओ जितेंद्र कुमार ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने पर जोर दिया गया।
अधिकारी एक ओर स्वयं तो झाड़ू उठाकर स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। स्वच्छता अभियान की पड़ताल के दौरान पता चला ओल्ड सोहना रोड, मीनार गेट, कमेटी चौक, न्यू कॉलोनी, जवाहर नगर से लेकर आगरा चौक तक सड़क किनारे गंदगी का अंबार लगा है। कई जगह तो स्कूल के बाहर ही कचरा फैला हुआ है। इससे स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
जिलेवासियों का कहना है कि अधिकारी झाड़ू लगाकर और फोटो खिंचवा कर चले जाते हैं। शहर की मुख्य सड़कें और बाजार गंदगी से पटे पड़े हैं। सफाई अभियान में नगर परिषद की लापरवाही साफ दिख रही है, क्योंकि नियमित कूड़ा उठान न होने के कारण हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। गौरतलब है कि फिरोजपुर गांव में डंपिंग यार्ड बनाए जाने के विरोध में गांव वाले आमरण अनशन पर बैठे हुए है। इसके कारण कचरा उठान को अभी रोका गया है। नगर परिषद के पास दूसरा कोई डंपिंग यार्ड नहीं है। इसके कारण भी कचरे का उठान नहीं किया जा रहा है।
वर्जन
नगर परिषद के सभी अधिकारियों को निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। उसके बावजूद अगर कही पर कूड़ा नहीं उठ रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। सेवा पखवाड़े के तहत शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए परिषद प्रतिबद्ध है।
- मनीषा शर्मा, डीएमसी पलवल