आयुष्मान योजना के लिए जिले में 10 अस्पतालों का चयन
पलवल। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को इलाज कराने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों की सूची जारी की है। किस अस्पताल में किस बीमारी का इलाज योजना के तहत होगा, यह भी उल्लेेख किया गया है। जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने बताया कि आयुष्मान योजना में 10 अस्पतालों का चयन किया गया है। लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
ये अस्पताल हैं शामिल
आयुष्मान योजना के अंतर्गत पलवल जिले में गुरुनानक अस्पताल को जनरल मेडिसिन, सामान्य सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, कार्डियो थोरैसिक सर्जरी, जेनिटोरिनरी सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, बर्न्स, प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, पॉलीट्रामा, डेंटल सर्जरी, पेडियाट्रिक्स, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, क्रिटिकल केयर के लिए चुना गया है। पलवल अस्पताल में सामान्य सर्जरी, प्रसूति और स्त्री रोग, जननांग सर्जरी, सामान्य चिकित्सा, छाती के रोग और श्वसन चिकित्सा (पल्मोनोलॉजी), क्रिटिकल केयर, गोल्डन अस्पताल में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ईएनटी, प्रसूति और स्त्री रोग, हड्डी रोग, जेनिटोरिनरी सर्जरी, बर्न्स, प्लास्टिक और पुनर्संरचनात्मक सर्जरी, पॉलीट्रामा, पेडियाट्रिक्स, न्यूरोलॉजी, छाती रोग और श्वसन चिकित्सा (पल्मोनोलॉजी), क्रिटिकल केयर की सुविधा होगी। वहीं गोयल नर्सिंग होम को सामान्य चिकित्सा, सामान्य सर्जरी, प्रसूति और स्त्री रोग, हड्डी रोग, जननांग सर्जरी, बर्न्स, प्लास्टिक और पुनर्निर्माण सर्जरी, बाल चिकित्सा, नवजात विज्ञान के लिए श्रीराम साईं अस्पताल को सामान्य सर्जरी, प्रसूति और स्त्री रोग, जननांग सर्जरी, दंत चिकित्सा सर्जरी के लिए तथा राहुल व सचिन अस्पताल को बच्चों के रोग, प्रभा अस्पताल को नेत्र रोगियों के लिए, कोसमोस को हड्डी रोगियों के लिए और सत्य साईं अस्पताल को बच्चों के हृदय से संबंधित रोगों के लिए चुना गया है।
3,16105 गोल्डन कार्ड बनने हैं
जिले में आयुष्मान योजना के अंतर्गत कुल 5,08,009 लाभार्थी हैं। इनके 3,16,105 गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। इनमें से करीब 85 हजार लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। 1130 लाभार्थी सरकारी अस्पतालों और 6,074 लाभार्थी निजी अस्पतालों से इस योजना का लाभ ले चुके हैं।
जिले में आयुष्मान योजना का लाभ सभी लाभार्थियों को मिले, इसके लिए 10 अस्पताल चयनित किए हैं। 6 अन्य अस्पतालों को भी जल्द सूची में शामिल कर दिया जाएगा। लोगों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। चयनित अस्पतालों में जाकर लाभार्थी अपना इलाज करा सकते हैं।
- डॉ. ब्रह्मदीप, जिला सिविल सर्जन, पलवल