टीम ने दो दिन के रिमांड पर लिया, घोटाले के पैसे बरामद करेगी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। कस्वा हसनपुर में स्थित बीडीपीओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों द्वारा किए गए करोड़ों रुपये के घोटाले में शामिल डीडीपीओ कार्यालय के दस हजार रुपये के इनामी क्लर्क तेजेंद्र को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने की। टीम ने आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान एसीबी की टीम घोटाले के पैसों को बरामद करने का प्रयास करेगी।
टीम गत माह जेल में बंद आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। दरसल,चंडीगढ़ में कैग की जांच में पाया गया कि अधिकारी की बिना अनुमति के उनकी लॉगिन आईडी से वर्ष 2023-24 व 2024-2025 में डीडीपीओ कार्यालय पलवल में करोड़ों रुपये की विकास के लिए राशि भेजी गई। इसमें से बीडीपीओ कार्यालय हसनपुर में दीपक मैनपॉवर नाम की फॉर्म को फर्जी तौर से रुपये विकास के लिए भेजे गए।
मामले का खुलासा होने के बाद डीडीपीओ उपमा अरोड़ा के निर्देश पर करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में एसीबी टीम ने केस दर्ज किया, जिसमें टीम ने मास्टर माइंड बीडीपीओ कार्यालय के क्लर्क राकेश कुमार, खजाना कार्यालय के चपरासी सतपाल, पंचकूला निदेशक कार्यालय के रिटायर्ड अधिकारी शमशेर सिंह, सहायक खजाना अधिकारी विजेंद्र कुमार, एसडीओ कार्यालय के क्लर्क अनूप कुमार, बीडीपीओ कार्यालय के स्टेनो विवेक कुमार, बीडीपीओ कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर गौतम कुमार के अलावा मैनपॉवर फॉर्म के मालिक दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। केस दर्ज होने के बाद से डीपीओ कार्यालय में तैनात तेजेन्द्र क्लर्क पुलिस गिरफ्त से बाहर था। जिस पर एसीबी टीम ने दस हजार रुपये के इनाम भी किया। मंगलवार को एसीबी की टीम ने आरोपी तेजेंद्र क्लर्क को काबू कर अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। एसीबी टीम के अधिकारियों की मानें तो इस मामले में टीम पहले आठ आरोपियों से चार करोड़ 54 लाख 75 हजार 950 रुपये बरामद कर चुकी है। टीम अब आरोपी तेजेन्द्र से रिमांड के दौरान उसके हिस्से में आए रुपयों को बरामद करेगी।