सत्ता का संग्राम अभियान के तहत अमर उजाला टीम ने आज पलवल के मतदाताओं से बातचीत की। यहां की मतदाताओं से उनके इस बार विधानसभा चुनाव में मुद्दों को जानने की कोशिश की गई। उनसे जानने की कोशिश की गई कि यहां कितना विकास हुआ है। दावे और वादों को लेकर भी चर्चा की गई।
हरियाणा की 90 विधानसभा सीट के लिए 5 अक्तूबर को मतदान होगा और मतगणना 8 अक्तूबर को होगी। इससे पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' हरियाणा के मतदाताओं का सियासी मूड जानने निकला है। सत्ता का संग्राम अभियान के तहत अमर उजाला टीम ने आज पलवल के मतदाताओं से बातचीत की। यहां की मतदाताओं से उनके इस बार विधानसभा चुनाव में मुद्दों को जानने की कोशिश की गई। उनसे जानने की कोशिश की गई कि यहां कितना विकास हुआ है। दावे और वादों को लेकर भी चर्चा की गई।
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एक मतदाता ने कहा कि रोजगार बिल्कुल नहीं है, सफाई व्यवस्था बेकार है, सड़कों की स्थिति भी खराब है। जलभराव की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सरकार भी भ्रष्टाचार हुआ है। एक अन्य मतदाता ने कहा कि विकास के नाम पर भाजपा सरकार ने ठगने का काम किया है। विधायक किसी के बात नहीं सुनते। अपनी मनमानी करते हैं। खराब सड़कों की वजह से दुर्घटना होती है।
एक अन्य मतदाता ने कहा कि हम सरकार से यही चाहते हैं कि सड़क की स्थिति सही हो जाए। जलभराव की समस्या से छुटकारा मिल जाए। युवाओं को रोजगार मिल जाए। एक और मतदाता ने कहा कि अयोध्या में जो भाजपा ने किया है वो सही नहीं है, जिनका वहां मकान टूटा, दुकान टूटी उनके मन से पूछें कितना दुख होता है। इसलिए वहां पर लोकसभा चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।
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बता दें कि हरियाणा विधानसभा में 90 सीटें हैं। यहां 5 अक्तूबर को मतदान होगा और मतगणना 8 अक्तूबर को होगी। बहुमत के लिए 46 का आंकड़ा चाहिए। पिछली बार भाजपा 40 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इसके बाद भाजपा ने दस सीटें जीतने वाली जजपा के साथ मिलकर सरकार का गठन किया था। कांग्रेस को 31 सीटें मिली थीं। एक-एक सीट इनेलो और हलोपा के खाते में आई थी।सात सीटें निर्दलीयों ने जीती थी।