आईआईटी से बीटेक के बाद आईएएस बनना चाहती हैं संजू
पलवल। स्वीट एंजिल्स स्कूल की छात्रा संजू 12वीं के विज्ञान वर्ग में 494 अंक लाकर खुशी के मारे फूली नहीं समा रही हैं। घाघोट गांव के किसान चंदन सिंह और उनकी पत्नी संता देवी भी अपनी पुत्री संजू की इस सफलता पर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। जब दोनों को बेटी की सफलता की जानकारी मिली तो वे खेतों पर धान की बुआई में लगे हुए थे। उन्हें इस बात का बेहद गर्व है कि उनके और उनकी पत्नी के अनपढ़ होने के बाद भी पांच बेटियां व एक बेटा पढ़ लिखकर काबिल बन गए हैं।
संजू का कहना है कि वह आईआईटी से बीटेक करने के बाद आईएएस बनना चाहती हैं। उसके पिता भी उसे आईएएस बनते हुए देखना चाहते हैं। वह अपने पिता के इसी सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है। उसका कहना है कि उसे पढ़ाई के साथ-साथ पेंटिंग करना भी बेहद पसंद है। टेलीविजन देखना व सोशल मीडिया पर रहना उसे पसंद नहीं है। संजू अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों के साथ-साथ अपने माता-पिता व भाई-बहनों को देती हैं। उसका कहना है कि उनके माता-पिता पढ़े-लिखे नहीं हैं। पिता किसान हैं और गांव घाघोट में खेती-बाड़ी व दूध का व्यवसाय करते हैं। स्वयं पढ़े-लिखे न होने के बाद भी सभी भाई-बहनों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उसकी सबसे बड़ी बहन एमएससी कर चुकी हैं। जबकि, एक बहन एमए-बीएड है। एक बहन ने कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा किया हुआ है और एक ने जेबीटी की हुई हैं। उसका भाई इंजीनियर है। छात्रा संजू अपने जूनियर साथी छात्रों को संदेश देती हैं कि पढ़ाई करने के दौरान ही अपनी मंजिल तय करनी चाहिए। मंजिल तय होगी तो उस तक पहुंचना बेहद आसान होगा। मेहनत और लगन से किए जाने वाले कोई भी कार्य कभी फेल नहीं होते हैं।