प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी देने पहुंचे शारीरिक शिक्षक
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बर्खास्त शारीरिक शिक्षकों ने प्रदर्शन कर गिरफ्तारी दी
पलवल। पिछले 58 दिनों से नौकरी बहाली के संबंध में अनशन पर बैठे बर्खास्त शारीरिक शिक्षकों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दी। सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने भी मौके पर पहुंचकर शिक्षकों के प्रदर्शन का समर्थन किया। इस दौरान कर्मचारियों और शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शारीरिक शिक्षकों के परिजनों ने भी हिस्सा लिया। शिक्षक और कर्मचारी सुबह 10 बजे कुसलीपुर स्थित गुर्जर धर्मशाला में एकत्र हो गए। इसके बाद सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान राजेश शर्मा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान बीधू सिंह और किसान सभा के जिला प्रधान धरमचंद की संयुक्त अध्यक्षता में जुलूस निकालकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विभिन्न यूनियनों के नेताओं ने बताया कि प्रदेश सरकार की कमजोर पैरवी और अदालत में गलत शपथपत्र के कारण 1983 पीटीआई शिक्षकों की नौकरी गई है। इस मामले में सरकार कोई रास्ता निकालने की बजाय लाठीचार्ज और झूठे मुकदमे लगाकर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। नेताओं ने सरकार से मांग की है कि पीटीआई की नई भर्ती को लेकर 23 अगस्त को होने वाली परीक्षा को रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने अपना अड़ियल रुख नहीं छोड़ा तो बर्खास्त पीटीआई के साथ-साथ सर्व कर्मचारी संघ भी जनता के बीच जाकर सरकार की पोल खोलेगी। सभी कर्मचारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी गिरफ्तारी दी। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी कर सभी कर्मचारियों को रिहा कर दिया। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान रमेश चन्द, उप प्रधान बनवारीलाल, सीआई टीयू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान वेदपाल, सचिव गीतेश शर्मा, राकेश शर्मा, मैकेनिकल वर्कर यूनियन के नेता बीरसिंह, राकेश तंवर, बिजली यूनियन के नेता जितेंदर तेवतिया आदि मौजूद रहे।