- ट्रक-ट्राॅलों की अचानक ब्रेकिंग, तेज रफ्तार, भारी वाहनों की लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से बढ़े हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में सड़क हादसों की संख्या और उससे होने वाली मौतें लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। साल 2025 के शुरुआती सात महीनों यानी 1 जनवरी से 29 जुलाई तक जिले में करीब 332 सड़क हादसे दर्ज हुए, जिनमें 164 लोगों की मौत और 267 लोग घायल हुए हैं। तुलना करें तो 2024 में पूरे साल में 574 हादसों में 283 लोगों की मौत और 387 लोग घायल हुए थे। इस साल अब तक के हादसों के आंकड़े देखें तो मृत्युदर में करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, हादसों की संख्या भी प्रति माह औसतन ज्यादा हो रही है, जो आने वाले महीनों में 2024 की कुल संख्या को पार कर सकती है।
इन आंकड़ों की गंभीरता तब और गहरी हो जाती है, जब हम 6 जून को केजीपी एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे की ओर देखते हैं। इसमें मेरठ निवासी दो दोस्तों की मौके पर मौत हो गई थी। वे कार से पलवल की ओर जा रहे थे, तभी अचानक सामने चल रहे ट्राॅले ने ब्रेक लगा दिया। तेज रफ्तार से आ रही कार ट्राॅले के नीचे जा घुसी और पलभर में दोनों युवकों की जिंदगी खत्म हो गई। एनएच-19 पर कुसलीपुर फ्लाईओवर के पास शोक जताने जा रहे मथुरा निवासी परिवार की कार को कैंटर ने टक्कर मारी। इसमें देवर-भाभी की मौत और तीन घायल हो गए थे।
अचानक ब्रेक, बिना संकेतक या टेल लाइट के वाहन, खराब ब्रेकिंग सिस्टम हादसे का कारण
जानकारी के मुताबिक, इन हादसों के पीछे सबसे बड़ी भूमिका भारी वाणिज्यिक वाहनों की रही है। ट्रक, ट्राॅला, डंपर, टैंकर, बसें और क्रेन जैसे भारी वाहन यदि नियमों की अनदेखी करें तो ये गंभीर हादसों का सबब बनते हैं। कई बार ड्राइवरों द्वारा अचानक ब्रेक लगाना, रात के समय वाहन सड़क किनारे खड़ा करना, बिना संकेतक या टेल लाइट के वाहन चलाना, ओवरलोडिंग और खराब ब्रेकिंग सिस्टम जैसे कारण बड़ी दुर्घटनाओं में तब्दील हो जाते हैं। कुछ मामलों में ड्राइवर का नशे में होना या नींद में वाहन चलाना भी सीधे टकराव या वाहन पलटने जैसे हादसों का कारण बनता है। हाईवे पर तेज गति से दौड़ते इन वाहनों के पीछे चल रहे वाहन समय पर प्रतिक्रिया नहीं कर पाते और गंभीर दुर्घटनाएं घट जाती हैं।
सड़क हादसों के प्रमुख कारण
तेज रफ्तार में वाहन चलाना
उल्टी दिशा में ड्राइविंग
अचानक ब्रेक लगाना
नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना
मोबाइल फोन पर बात करते हुए ड्राइविंग
शराब पीकर गाड़ी चलाना
सीट बेल्ट या हेलमेट का इस्तेमाल न करना
ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन
खराब सड़कें और गड्ढे
रात में पर्याप्त रोशनी का अभाव
ओवरलोडिंग
थकान या नींद में वाहन चलाना
जिले में सड़क हादसों वाले प्रमुख स्थान
केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे
केजीपी (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल) एक्सप्रेसवे
नेशनल हाईवे-19 (एनएच-19)
पलवल-हथीन रोड
हथीन-गुरा कसर रोड
दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (मुंडकट्टी थाना क्षेत्र)
सोहना-पलवल मार्ग
इंडेन गैस एजेंसी के पास (एनएच-19)
घुघेरा गांव के पास (सोहना-पलवल रोड)