जिले के गांव दुर्गापुर स्थित राजकीय माध्यमिक स्कूल में विद्यार्थियों के लिए पिछले कई वर्षों से पीने के पानी की समस्या बरकरार है। वैसे तो स्कूल में एक हैंडपंप लगा हुआ है लेकिन उससे भी खारा पानी आता है। इससे विद्यार्थियों को मजबूरन खारा पानी पीकर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है या फिर अपने घरों से बोतलों में पानी भरकर लाना पड़ता है, लेकिन वह पानी भी एक-दो घंटे में खत्म हो जाता है या फिर गर्मी के कारण गर्म हो जाता है।
स्कूल के अध्यापकों द्वारा समस्या को लेकर कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या का समाधान करने की जहमत अभी तक किसी ने भी नहीं उठाई है। वहीं स्कूल के अध्यापक आपस में चंदा एकत्रित करके अपने लिए आरो सिस्टम वाले पानी की बोतल बाहर से मंगाकर अपनी प्यास बुझा लेते है, लेकिन छात्रों को मजबूरन खारे पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। वैसे तो प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में मूलभुत सुविधाएं मुहैया कराने के तमाम वायदे करती है और प्रति वर्ष इसके लिए हजारों-लाखों रुपये का बजट भी तैयार किया जाता है, लेकिन यह वायदे केवल कागजी कार्रवाई और भाषणों तक ही सिमट कर रह जाते हैं।
स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी आशा, शबनम, कपिल व सुमित ने बताया कि वह अपनी प्यास बुझाने के लिए प्रतिदिन अपने घरों से बोतल में पानी भरकर लाते हैं, लेकिन वह पानी भी केवल लंच तक ही चल पाता है और कड़ी गर्मी में या तो उन्हें प्यासा रहना पड़ता है या फिर स्कूल के हैंडपंप से खारा पानी पीकर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है। वहीं स्कूल के प्रिंसिपल रामकिशन ने बताया कि पीने के पानी की समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। जिसको लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन किसी ने समाधान करने की जहमत नहीं उठाई ।
वहीं इस समस्या पर खंड शिक्षा अधिकारी अशोक बघेल का कहना है कि फिलहाल स्कूल की तरफ से उनके पास समस्या कोई शिकायत नहीं आई है। यदि फिर भी स्कूल में ऐसी समस्या है तो पब्लिक हेल्थ से बात करके समस्या का समाधान जल्द ही करा दिया जाएगा।