कैपशन: 6- खेतों में कटी पड़ी फसल
कैप्शन: 7- जगदीश चंद किसान
कैप्शन: 8- रविंद्र शर्मा किसान
कैप्शन: 9- सत्यदेव किसान
कैप्शन: 10- राजीव लांबा, आप नेता
किसान बोले कब मिलेगा मुआवजा, कृषि उपनिदेशक का जवाब - 2022 खरीफ फसल का मिल रहा है अभी मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पिछले सप्ताह बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से अब सैंपल सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए जिला उपायुक्त नेहा सिंह ने खंड स्तर पर कृषि अधिकारी, सहायक सांख्यिकी तथा बीमा कंपनी के कर्मचारी के नेतृत्व में टीम भी गठित कर दी है, लेकिन सैंपल सर्वे केवल उन किसानों की खराब फसल कर किया जाएगा, जिनका फसल बीमा है, जबकि बिना बीमा वाले किसानों का पंजीकरण के बाद ही सर्वे किया जाएगा। दोहरी नीति को लेकर किसानों में अब जबरदस्त रोष बन गया है। किसानों का आरोप है कि सरकार केवल किसानों को पागल बना रही है।
वहीं बीमा कंपनियों द्वारा पिछले साल 2022 में बारिश व ओलावृष्टि से खराब खरीफ फसलों का मुआवजा देना शुरू किया है। कृषि विभाग के अनुुसार 2022 में खराब खरीफ फसल का मुआवजा बजाज एलायंज कंपनी द्वारा देना शुरू कर दिया है। कंपनी ने अभी 3321 किसानों के खाते में सात करोड़ दो लाख रुपये की राशि डाल दी है। कृषि विभाग का दावा है कि जल्द ही बाकी किसानों का भी बकाया मुआवजा जल्द उनके खाते में डलवा दिया जाएगा। कृषि विभाग की इस जानकारी के बाद किसान संगठनों से जुड़े नेताओं ने रोष जताया है। उधर विपक्षी राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सरकार की नीयत पर सवाल उठाया है। विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि सरकार किसानों का शोषण कर रही है। आज तक पंजीकरण नहीं होने दिया तो मुआवजा कहां से मिलेगा। फिर जब अभी तक पिछले साल का ही मुआवजा किसानों को नहीं मिला है तो इस बार का मुआवजा न जाने कब मिलेगा।
2022 का मुआवजा मिलना शुरू : पवन शर्मा
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रयासों से जिला पलवल के किसानो को खरीफ-2022 में हुई खराब फसल का मुआवजा मिलना प्रारंभ हो गया है। बीमा कंपनी बजाज एलियान्स के क्लेम मैनेजर द्वारा मौखिक आधार पर मिली जानकारी अनुसार, 3321 किसानों के खाते में 7.02 करोड राशि डीबीटी के माध्यम से डाल दी गई है तथा बीमा कम्पनी द्वारा आश्वासन दिया गया है कि जिन किसानों को अभी तक उनकी खराब हुई फसल का मुआवजा नहीं मिला है, वह जल्द ही उनके बैंक खातो में डाल दिया जाएगा। कृषि विभाग के उप निदेशक डा. पवन शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन तथा विभाग के प्रयासों से मुआवजे की राशि का इंतजार कर रहे किसानो को उनके नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी द्वारा की जा रही है।
कृषि विभाग के अनुसार, अभी रबी-2023 में प्राकृतिक आपदा के रूप में बिन मौसम के हुई बरसात ने किसानों की फसल में काफी नुकसान किया है। इस बे मौसमी बरसात के कारण हुए नुकसान के सर्वे के लिए जिला पलवल में लगभग 4300 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए है, क्योंकि फसल कटाई प्रारंभ हो चुकी है। विभाग के अनुरोध पर प्रशासन द्वारा फसल खराब के सर्वे को 15 दिन में पूर्ण करने के लिए खंड स्तरीय टीम का गठन कर दिया गया है, जिसमें सहायक सांख्यिकी अधिकारी के साथ खंड कृषि अधिकारी तथा बीमा कम्पनी के कर्मचारी मौजूद रहकर 125 गांवों में सैम्पल सर्वे द्वारा बीमित फसलों का सर्वे किया जाएगा। उपनिदेशक ने किसानों से आह्वान किया है कि बीमित किसान गठित टीम के साथ सहयोग करते हुए अपनी फसल के नुकसान के सर्वे को समय रहते पूर्ण करवा लें।
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स्पेशल गिरदावरी के लिए पटवारियों की बैठक बुलाई
हथीन। बेमौसमी बरसात से रबी की खड़ी फसलों के हुए नुकसान की स्पेशल गिरदावरी एवं सर्वेक्षण के लिए स्थानीय एसडीएम लक्ष्मीनारायण ने पटवारियों की बैठक बुलाई। बैठक में बताया गया कि हथीन तहसील के 12 गांवों की राजस्व सीमाओं की फसलों में फसल खराब हुई है। इन सभी गांवों के किसानों ने क्षति पूर्ति पोर्टल पर फसल खराबे की जो शिकायतें दर्ज कराई हैं, उन सभी गांवों के खेतों तक जाकर फसलों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। वेरिफिकेशन के बाद ही संबंधित किसानों को मुआवजे का आवंटन कर दिया जाएगा।
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सरकार किसानों को पागल बना रही है। अब सैंपल सर्वे की बात कही जा रही है। सैंपल सर्वे के नाम पर बीमा कपंनियां किसानों को पूरा मुआवजा नहीं देंगी। विभाग द्वारा जो नियम बनाए हैं, उससे सर्वे सैंपल से किसानों को पूरा मुआवजा नहीं मिलेगा। -जगदीश चंद, किसान
किसानों को अभी तक पिछले साल की खरीफ फसल का ही मुआवजा नहीं मिला है। यह बात तो अब कृषि उपनिदेशक के बयान से भी साबित हो गई है कि मुआवजा अब मिलना शुरू हुआ है। उपनिदेशक व सरकार जांचें कि सही में कितने किसानों के खाते पैसा आया है। केवल बरगलाने का काम किया जा रहा है। -रविंद्र शर्मा, किसान
सरकार कभी सैंपल सर्वे के नाम पर तो कभी पोर्टल के नाम पर किसानों को पागल बना रही है। सरकार अभी पिछला मुआवजा ही बीमा कंपनियों से नहीं दिलवा पाई तो इस खराब फसल का मुआवजा कब तक मिलेगा या मिलेगा भी नहींं यह कोई नहीं जानता। किसानों का शोषण करना सरकार बंंद करें। -सत्यदेव किसान
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भाजपा सरकार अभी तक पिछले साल का ही मुआवजा किसानों को नहीं दिलवा पाई है। बीमा कंपनियां व अधिकारी मिलकर किसानों को केवल लूटने का काम कर रहे हैं। यदि सरकार की तरफ से सोमवार तक पंजीकरण कर गिरदावरी शुरू नहीं की गई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। -राजीव लांबा, आप नेता
कृषि विभाग के तकनीकी सहायक अतुल शर्मा ने कहा कि सैंपल सर्वे के लिए टीमें बना दी गई हैं तथा वे गांवों में जाकर सैंपल सर्वे करेंगी तथा पैमाइश के हिसाब से मुआवजा तय किया जाएगा। उसके बाद सभी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।