यदि सिविल अस्पताल में उपचार कराने जाएं तो अपना आधार कार्ड साथ लेकर जाएं। ऐसा ना करने पर अस्पताल में आपका पंजीकरण नहीं हो सकेगा। और उपचार से भी मरहूम रहना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना को प्रदेश के अधिकांश सिविल अस्पतालों में लागू किया है और 15 अगस्त से इसे लागू कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2016 की शुरुआत में मरीजों को ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने के लिए पंजीकरण को ऑनलाइन शुरू किया था। जो कि प्रदेश के अधिकांश अस्पतालों में क्रियान्वित हो चुका है।
अस्पतालों में आने वाले मरीजों को अपनी बीमारी से संबंधित अधिक कागजात इकट्ठा ना करने पड़ें, इसके लिए यूआईडी खाता बनाकर बीमारी संबंधी सारा रिकार्ड उसी में मैंटेन कर आधार कार्ड से अटैच किया जाएगा।
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