शादी समारोहों में अनावश्यक खर्च और दिखावे पर रोक लगाने के लिए कमेटी गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पंजाबी धर्मशाला में समाजसेवी नरेश गांधी की अध्यक्षता में पंजाबी समाज की बैठक रविवार को आयोजित की गई। इसमें मृत्यु भोज, शादी समारोहों में दिखावे, नशाखोरी और जुआ जैसी सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि मृत्यु भोज में समाज के लोग शामिल नहीं होंगे। केवल परिवार और दूरदराज से आने वाले लोगों के लिए साधारण भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा शादी समारोहों में अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने और युवाओं को नशे व जुए जैसी बुराइयों से बचाने के लिए भी ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी।
बैठक का मंच संचालन पंजाबी सभा के पूर्व महासचिव राजकुमार भाटिया ने किया। पंजाबी सभा के अध्यक्ष देवी दयाल मक्कड़, पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल, ज्ञान चंद कालरा, हंस राज अरोड़ा और एलडी वर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि पुराने समय में मृत्यु भोज और शादी-विवाह की रस्में सादगी से निभाई जाती थीं, लेकिन समय के साथ दिखावे और आडंबर के कारण इनमें अनावश्यक खर्च बढ़ गया है।
बैठक में कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। समाज के लोग अपने लिखित सुझाव कमेटी को देंगे, जिनके आधार पर ठोस नियम तैयार किए जाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि नशाखोरी और जुए की लत में फंस रहे युवाओं को रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। बैठक में पंजाबी सभा के उपाध्यक्ष कृष्णा छाबड़ा, बंशीधर मखीजा, अर्जुन देव विरमानी, पार्षद अनिल गोसाई, पार्षद संजय छाबड़ा, फार्मासिस्ट मनीष कालरा, महेश गांधी, वीरेंद्र पाहुजा, सतीश आर्य, विनीत गुलाटी, सुभाष गांधी और अजीत कालरा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।