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‘कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी कर रही सरकार’

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पलवल में जुलूस निकालकर प्रदर्शन करते हुए मिड डे मील कर्मचारी। - फोटो : Palwal
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‘कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी कर रही सरकार’
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पलवल। मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के सामने गुर्जर धर्मशाला में अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया तथा बाद में उपायुक्त कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार पर वर्करों के साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाते हुए मांग की कि केंद्र सरकार के 5 जुलाई को पेश होने वाले बजट में मिड-डे-मील वर्करों के वेतन में बढ़ोतरी की जाए।
धरने को संबोधित करते हुए सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी ने मांग की कि मिड-डे-मील वर्करों के न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये किए जाएं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में 8वीं कक्षा तक के 10 करोड़ बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। 12 लाख के करीब स्कूलों में इस कार्य को करने के लिए योजना में लगभग 25 लाख कुक व हेल्पर लगे हैं। इनमें 95 प्रतिशत महिलाएं जिनमें बहुत ही गरीब तबकों व विधवा महिलाओं की अधिकता है। इसे लेकर सरकार गंभीर नहीं है। सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है, मर्ज किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर वर्करों को काम से हटाया जा रहा है। कई स्कूलों में पहले से लगी हुई वर्करों को काम से हटाकर नए लोगों को रखा जा रहा है। हरियाणा सरकार द्वारा भी मिड-डे-मील वर्कर्स को मानदेय में केवल 3500 रुपये दिये जाते हैं जो कि इस महंगाई के समय में बेहद कम है। जबकि वर्कर्स पर काम के बोझ को बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार अपनी न नीति को बदले तथा कर्मचारियों को इस बजट में ख्याल रखा जाए।
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बाद में कर्मचारियों ने गुर्जर धर्मशाला से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया तथा एसडीएम जितेंद्र कुमार को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया।
प्रदर्शन का आयोजन यूनियन प्रधान संतोष ने किया। संचालन सीटू के जिला सचिव भागीरथ बेनिवाल ने किया। प्रदर्शन को जिला प्रधान राजेश शर्मा, सचिव योगेश शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान बनवारीलाल, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की जिला प्रधान उर्मिला रावत, आशा वर्कर यूनियन के जिला सचिव रामरती चौहान, दरयाब सिंह, वर्कर यूनियन की नेता सोनवती, ऊशा, मीना, मामचन्द, सीमा, आशा, आदि ने संबोधित किया।
रोडवेज कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में दिया धरना
पलवल। हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में शुक्रवार को बस डिपो पर धरना प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार व परिवहन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों का कहना था कि सरकार की नीति व नियत ठीक नहीं है। सरकार निजी बसों को ठेके पर लेना चाह रही है, इससे कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार ठेके पर बसें लेने के बजाय 14 हजार बसों को रोडवेज में शामिल करें। इससे आम लोगों को को जहां परिवहन सेवाएं मिलेंगी, वहीं 85 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।
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यूनियन के प्रधान गंगाराम ने बताया कि किलोमीटर योजना के तहत निजी बसें ठेके पर लेने का निर्णय रद्द करने, किलोमीटर स्कीम की जांच विजिलेंस की बजाए माननीय हाईकोर्ट के सिटिंग जज व सीबीआई से करवाने, भ्रष्टाचार में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, विभाग में सरकारी बसें बढ़ाने, निजीकरण व ठेका प्रथा बंद करने, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने, ओवरटाइम बंद करने के नाम पर कर्मचारियों का शोषण बंद करने, रोडवेज कर्मचारियों पर आए दिन हो रहे हमले बंद करने व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, हड़ताल के दौरान किए गए नाजायज निलंबन, मुकदमे, तबादले, एस्मा व अन्य उत्पीड़न की कार्रवाई वापस लेने की मांग को लेकर यह धरना दिया गया है। इस अवसर पर कर्मचारी नेता योगेश शर्मा, राजेश शर्मा, बनवारी लाल ने भी अपने विचार रखे।
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