संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। दशलक्षण पर्व के संपन्न होने के पश्चात जैन समाज ने क्षमावाणी पर्व एवं मेले का धूमधाम से आयोजन किया। प्रात:काल श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में जिनेंद्र प्रभु के प्रक्षाल, शांति धारा व अभिषेक के साथ धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हुए। सर्वजातीय सेवा समिति के उपाध्यक्ष रजत जैन ने बताया कि मंदिर जी से ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ श्री जी को भव्य व दिव्य रथ में विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सर्वसमाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रभु के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। सर्वसमाज की उपस्थिति ने आपसी सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश की।
शोभायात्रा के दौरान युवाओं, बुजुर्गों तथा मातृशक्ति ने पट्टेबाजी के अद्भुत जौहर दिखाकर जनसमूह को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। वहीं, महिलाओं द्वारा गाए गए धार्मिक व मार्मिक भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इंद्र देव (राकेश जैन) और सारथी (अमित जैन) के नेतृत्व में शोभायात्रा श्री राधा कृष्ण मंदिर, झबला मोहल्ला, हनुमान मंगल मंदिर, मुख्य बाजार, गोहर वाली चौक व दुर्गा माता मंदिर पथवारी से होती हुई वापस जैन मंदिर पहुंची।
मंदिर प्रांगण में बच्चों द्वारा रंगारंग धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जीवंत प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। मेले में श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद लिया। शाम को विश्व शांति व प्राणिमात्र के कल्याण के लिए स्वर्ण व रजत कलशों से प्रभु का जलाभिषेक किया गया।
पर्व के मुख्य संदेश का पालन करते हुए युवाओं व बच्चों ने जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए बड़ों के चरण स्पर्श कर मन, वचन व काय से क्षमा मांगी। बड़ों ने भी उदारता दिखाते हुए उन्हें गले लगाया और दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर समाज के प्रधान अनिल जैन, महावीर प्रसाद जैन नंबरदार, राहुल जैन एडवोकेट, सुनील जैन, प्रदीप जैन, राधिका जैन, विशाखा जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।