संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। उपमंडल पुन्हाना के गांव मुंढेता में पिछले करीब तीन महीने से थ्री-फेज बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बिजली नहीं मिलने से गांव की करीब 650 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित है। किसानों का कहना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी बाजरा और धान की फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में फसलों की पैदावार पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
ग्रामीणों के मुताबिक इस समय फसलों को सिंचाई की जरूरत है, लेकिन थ्री-फेज बिजली नहीं मिलने से ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं। किसानों के सामने खेतों तक पानी पहुंचाने का कोई प्रभावी विकल्प नहीं बच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर सकता है।
मुंढेता गांव मौसमी सब्जियों की खेती के लिए क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है। गांव के किसान विभिन्न मौसमों में सब्जियों का उत्पादन कर अपनी आजीविका चलाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की समस्या के कारण इस बार सब्जियों की खेती भी प्रभावित हो रही है। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसान नई फसल लगाने से भी पीछे हट रहे हैं। इससे किसानों की आमदनी पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
समस्या लेकर निगम कार्यालय पहुंचे
गांव के सरपंच सद्दाम के नेतृत्व में ग्रामीण सोमवार को बिजली निगम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष समस्या रखने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार कार्यालय में संबंधित जेई और एसडीओ मौजूद नहीं मिले। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे पहले भी कई बार निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द थ्री-फेज बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि खेती का सीजन चल रहा है और ऐसे समय में बिजली की समस्या किसानों के लिए गंभीर संकट बन चुकी है।
कोट
कहना है कि अधिक लोड होने के कारण बिजली में कट लग जाता है। पिछले तीन महीने से थ्री फेज में बिजली ना आने की बात निराधार है। गांव में सुचारू रूप से बिजली दी जाए उसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। -प्रेम, जेई, बिजली निगम