आंधी-तूफान में गिरे बिजली के खंभे और मरम्मत कार्य में जुटे बिजली विभाग के कर्मचारी।
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका/पिनगवां। मेवात क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी आंधी और तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिनगवां क्षेत्र में मंगलवार देर शाम आई आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में पेड़, बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए। डोंडल ट्रांसफाॅर्मर के अधीन आने वाले लगभग 15 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। बिजली बंद होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार कई गांवों में बिजली न होने के कारण पानी की मोटरें बंद पड़ी हैं। लोग पेयजल के लिए एक से दो किलोमीटर दूर तक जाने को मजबूर हैं। हैंडपंपों और सार्वजनिक जल स्रोतों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में इतना बड़ा नुकसान पहली बार देखने को मिला है।
आंधी के बाद बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, लाइनमैन और ठेकेदार मंगलवार रात से ही विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास कर रहे हैं। कई स्थानों पर टूटे हुए खंभों को बदलने और क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने का कार्य जारी है।
बिजली विभाग के एसडीओ शमीम अहमद ने बताया कि डोंडल ट्रांसफाॅर्मर के 33 केवी मुख्य लाइन के करीब 15 पोल आंधी के कारण गिर गए हैं। इसके अलावा कई अन्य पोल और ट्रांसफाॅर्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, विभाग को 15 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त कर्मचारियों और संसाधनों की मदद से मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और मौसम अनुकूल रहने पर जल्द ही सभी प्रभावित गांवों में चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
छात्र की मौत से गम का माहौल
मंगलवार शाम आए तेज तूफान ने फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के गांव भोंड में एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तेज हवाओं से उड़कर आई लोहे की टीन की चपेट में आने से 12वीं कक्षा के 18 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। आकिल, पुत्र जमशेद मंगलवार शाम अपने घर के बरामदे में बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज आंधी के साथ तूफान शुरू हो गया। तेज हवाओं के कारण घर के पास लगा लोहे का टीन शेड उखड़कर सीधे आकिल की गर्दन पर आ लगी, जिससे उसकी मौत हो गई
आकिल की मौत की के बाद से परिवार में मातम छाया है। लोगों का कहना है कि आकिल होनहार था और पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियों में भी सहयोग करता था। गांव के लोग उसकी मौत से उबर नहीं पाए हैं। थाना प्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।