संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त अखिल पिलानी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नालों, ड्रेनों और जल निकासी तंत्र की सफाई 15 जून तक हर हाल में पूरी की जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में पंपसेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि बारिश के दौरान कहीं भी पानी जमा न हो।
उपायुक्त ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि लापरवाही या ढिलाई के कारण लोगों को परेशानी होती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगर परिषद, नगर पालिकाओं, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई विभाग, पंचायत विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
शहरी क्षेत्रों में विशेष निगरानी
प्रशासन ने नूंह शहर समेत जिले के अन्य कस्बों में उन स्थानों की पहचान करने को कहा है जहां हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे क्षेत्रों में नालों की विशेष सफाई, जल निकासी मार्गों से अतिक्रमण हटाने तथा अतिरिक्त पंपिंग व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल शहरों ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलभराव की समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा। गांवों में गलियों, तालाबों के ओवरफ्लो पॉइंट, बरसाती पानी की निकासी के रास्तों तथा छोटे नालों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायतों को भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है।
पंपसेट और आपात व्यवस्था रहेगी तैयार :
प्रशासन ने बरसात के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए पंपसेट, जनरेटर और आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जहां जलभराव की आशंका अधिक रहती है, वहां पहले से ही उपकरण तैनात रखने को कहा गया है ताकि बारिश के समय तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जमीनी स्तर पर अभी सुस्त दिख रही तैयारियां :
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर सख्त निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी तैयारियां अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी हैं। कई स्थानों पर नालों और ड्रेनों की सफाई का कार्य शुरू नहीं हुआ है। शहर के विभिन्न इलाकों और कई गांवों में नालों में गाद और कचरा जमा होने से जल निकासी व्यवस्था प्रभावित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं हुई तो पहली ही तेज बारिश में सड़कों और गलियों में पानी भरने की समस्या पैदा हो सकती है।
हर वर्ष बनती है परेशानी
नूंह जिले में मानसून के दौरान जलभराव एक बड़ी समस्या रही है। कई कॉलोनियों, बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित होता है तथा लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में प्रशासन के निर्देशों के बाद लोगों की नजर अब इस बात पर है कि संबंधित विभाग तय समय सीमा के भीतर सफाई कार्य पूरा कर पाते हैं या नहीं।
उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि जलभराव की रोकथाम जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए गए हैं।