उपायुक्त का दावा- 47 प्रतिशत उठान के साथ प्रदेश में नंबर-1 जिला, करण दलाल ने दावे झूठे होने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में गेहूं खरीद और फसल उठान को लेकर प्रशासन और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले को 47 प्रतिशत फसल उठान के साथ प्रदेश में प्रथम बताया है, वहीं कांग्रेस से पूर्व विधायक व मंत्री करण दलाल ने इन दावों को पूरी तरह गलत करार देते हुए किसानों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया है। उपायुक्त ने बुधवार को पलवल अनाज मंडी का दौरा कर खरीद प्रक्रिया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
डीसी ने जायया लेने के बाद कहा कि जिले ने फसल उठान में प्रदेशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है और किसानों को उनकी उपज का भुगतान 72 घंटे के भीतर किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद और उठान प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही मंडियों में पेयजल, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि प्रशासन की ओर से विशेष रणनीति अपनाकर खरीद और उठान प्रक्रिया को तेज किया गया है। परिवहन और भंडारण की व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने किसानों से निर्धारित मानकों के अनुसार ही फसल मंडियों में लाने की अपील भी की।
वहीं, कांग्रेस के पूर्व मंत्री करण दलाल ने प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार मंडियों में फसल का उठान समय पर नहीं हो रहा और किसानों को 72 घंटे में भुगतान भी नहीं मिल रहा है। दलाल ने आरोप लगाया कि खरीद प्रक्रिया में लगाई गई शर्तों के कारण किसान परेशान हैं और उन्हें अपनी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। करण दलाल ने यह भी कहा कि पिछले साल और इस वर्ष हुई बारिश से किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ, लेकिन अब तक उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं का समाधान करने और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।