पलवल। किसान आंदोलन के तहत गणतंत्र दिवस तक पर ट्रैक्टर रैली के दौरान सोफ्ता मोड़ पर पुलिस व किसानों के बीच हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। हिंसा करने के आरोप में किसानों पर दर्ज मुकदमे की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को जिले के किसान नेताओं को नोटिस जारी कर तलब किया। हालांकि जहां किसान नेता डीएसपी मुख्यालय से मिलने पहुंचे, वहीं उनके समर्थन में वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिला। वकीलों ने किसान नेताओं पर कार्रवाई न करने और जांच के नाम पर परेशान न करने की मांग की।
गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा ट्रैक्टर रैली निकालने के दौरान दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर सीकरी के पास सोफ्ता मोड़ पर पुलिस व किसानों के बीच विवाद हो गया था। उस समय वहां कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव करने का आरोप है, वहीं किसानों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया था। इस विवाद के बाद पुलिस ने करीब 2 हजार किसानों पर हिंसा फैलाने व हत्या के प्रयास की विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए थे। इस विवाद के बाद पुलिस द्वारा केजीपी-केएमपी इंटरचेंज के पास अटोहां मोड़ पर पिछले 46 दिनों से चल रहे धरने का भी हटवा दिया। वहीं अब किसान नेताओं को पुलिस जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजने शुरू कर दिए गए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत के आदेश पर डीएसपी मुख्यालय विजयपाल इस मामले में जांच कर रहे हैं। पुलिस अब किसान नेताओं से रैली के दौरान पुलिस पर हमला करने वाले किसानों के नाम व पता जानने का प्रयास कर रही है।
इन किसान नेताओं को जांच के लिए बुलाया
जिला पुलिस अधीक्षक की तरफ से भाकियू के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत, किसान व शिक्षक नेता महेंद्र चौहान व पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल के भाई व कोआपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन प्रेम दलाल को नोटिस भेजकर जांच के लिए बुलाया। शुक्रवार सुबह तीनों नेताओं के साथ इनेलो नेता महेंद्र चौहान, चौहान पाल के कई नेता डीएसपी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। वहीं बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक चौहान के नेतृत्व में वकील पुलिस अधीक्षक से मिले। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक चौहान ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष की जाएगी व किसी को भी बिना कारण परेशान नहीं किया जाएगा।
कल को होगी महापंचायत
किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने बताया कि किसान आंदोलन खत्म नहीं होगा। रविवार को अनाज मंडी में किसानों की महापंचायत बुलाई गई है। जिसकी अध्यक्षता 52 पाल के चौधरी अरुण जेलदार करेंगे। महापंचायत में किसान आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए रूपरेखा तैयार की जाएगी।
वर्जन-
किसी को भी जिले में शांति भंग नहीं करने दी जाएगी। किसान आंदोलन के नाम पर लोगों को भड़काने वाला कोई भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। बिना कारण किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। - दीपक गहलावत, जिला पुलिस अधीक्षक