शुक्रवार को खंभे लगाने के काम के दौरान नप कर्मचारियों से हो गई थी क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। शहर के बस स्टैंड पर ग्रीन गैस की पीएनजी पाइप लाइन शुक्रवार दोपहर को नगर परिषद कर्मचारियों से क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद आपूर्ति बंद कर दी गई थी। पाइपलाइन को शुक्रवार शाम को ही जोड़ दिया गया था, लेकिन शनिवार रात तक भी आपूर्ति शुरू नहीं की गई। इस कारण शहर के लगभग तीन हजार घरों में खाने-पीने की समस्या बनी रही। कुछ लोगों ने खाने-पीने के लिए एलपीजी गैस सिलिंडर का इंतजाम किया, वहीं कई लोग बाजार से खाना लेने के लिए होटल व ढाबों पर खड़े रहे।
शुक्रवार दोपहर नगर परिषद के कर्मचारियों ने पुराने जीटी रोड पर लाइट के खंभे लगाने के लिए जेसीबी मशीन से गड्ढे खोदने के दौरान पीएनजी गैस लाईन क्षतिग्रस्त हो गई थी। आसपास के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल और दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पीएनजी गैस के अधिकारियों को मौके पर बुला लिया। पीएनजी अधिकारियों ने गैस पाइपलाइन को तुरंत बंद करवा दिया और लाइन को दुरुस्त करवाने के लिए कर्मचारी लगा दिए। कर्मचारियों ने पीएनजी पाइपलाइन को एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जोड़ दिया, लेकिन पीएनजी गैस अधिकारी शहर की गैस आपूर्ति बहाल करना भूल गए। गैस की बहाली के लिए लगातार शहर के स्थानीय लोग इंटरनेट पर पीएनजी गैस के अधिकारियों के नंबर खोज कर कॉल करते रहें, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। इस दौरान क्षेत्र के करीब तीन हजार लोग परेशान रहे।
रात में बाजार से मंगवाया खाना
स्थानीय महिला पूनम, कुसम, अनिता ने बताया कि गैस की आपूर्ति नहीं होने से रात का खाना बनाने के लिए उन्हें परेशान होना पड़ा। कुछ परिवारों ने सिलिंडर का इंतजाम कर चाय, नाश्ता और खाना बनाया। परिवारों को बाजार से खाना मंगवाना पड़ा। आदर्श कॉलोनी निवासी रश्मि गर्ग ने बताया कि रात में खाना बनाने के लिए चूल्हा चालू किया, लेकिन गैस नहीं आ रही थी। आसपास के घरों में भी यही हाल था। शनिवार देर शाम तक शहर में पीएनजी की बहाली नहीं हो पाई। पीएनजी की बहाली नहीं होने से शहर के लोगों में गैस कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ रोष बना हुआ है।