संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रही। हड़ताल के कारण घरों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है, जिससे लोग गलियों में कूड़ा डालने को मजबूर हैं। गलियों से कूड़ा उठाने वाली कर्मचारियों भी अपनी ड्यूटी को सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं। सफाई कर्मियों व ठेकेदार की आपसी खींचतान का खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। घर-घर से कूड़ा उठाने वाली 40 के करीब गाड़ियां व रिक्शा पिछले चार दिनों से कूड़ा उठाने के लिए नहीं आए हैं। लोगों का कहना है कि सालाना साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
दरअसल, शहर में सभी 31 वार्डों में हर-घर से कूड़ा उठाने का ठेका मैसर्स क्लासिक मैनपावर कंपनी को दिया हुआ है। कंपनी द्वारा गाड़ियों व रिक्शा के जरिये हर से कूड़ा उठाने का काम किया जाता है। गाड़ियों पर एक चालक व एक सहायक कार्यरत रहता है। करीब दो साल से इसी कंपनी पर कूड़ा उठाने का ठेका है। शुरू से ही यह कंपनी कूड़ा उठाने को लेकर विवादों में रही है। हर घर से कूड़ा उठाया जाने के बाद भी गलियों व चौराहों पर गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। नगर परिषद द्वारा इसको लेकर ठेका कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया था। पार्षदों ने कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग भी की थी, परंतु उसके बावजूद भी इसी कंपनी को दोबारा ठेका दे दिया गया।
अब ठेका कंपनी व गाड़ियों पर कार्यरत सफाई कर्मियों की आपस में तनातनी का खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है। कर्मचारी ठेकेदार पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा रहे हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी ठेकेदार व सफाई कर्मियों में समझौता नहीं हुआ है, जिसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। मुख्य मार्गों पर भी गंदगी के ढेर लग हैं। गंदगी में पशु विचरण करते नजर आते हैं। नगर परिषद द्वारा कूड़ा उठवाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कराई है।
चौथे दिन भी धरने पर बैठे रहे सफाई कर्मी
अखिल भारतीय मजदूर संघ की जिला इकाई की हड़ताल चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रही। सफाई कर्मियों ने बाल भवन में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान संघ के ब्रांच अध्यक्ष विजय मांडोतिया ने कहा कि संघ के लिए नगर परिषद द्वारा कार्यालय बनाया जाए। ठेका कंपनी मैसर्स क्लासिक मैनपावर द्वारा सुपरवाइजर, चालक, सहायक व रिक्शा चालकों को पूरा वेतन दिया जाए। कंपनी द्वारा हटाए गए कर्मचारियों को बहाल किया जाए। पीएफ व ईएसआई का पैसा कर्मचारी के खाते में डाला जाए। कर्मचारियों के ईएसआई कार्ड बनाए जाएं। ड्यूटी के समय दुर्घटनाग्रस्त हुए कर्मचारियों को उपचार कंपनी द्वारा कराए जाए। गाड़ी चालक को 14 हजार व सहायक को 12 हजार रुपये दिए। कर्मचारियों को वेतन के दो-दो हजार के नोट दिए जा रहे, जिन्हें लेने से मना पर उन्हें नौकरी से हटाया जा रहा है। कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
ठेकेदार व सफाई कर्मियों में हुए विवाद के कारण हर-घर से कूड़ा उठाने का काम बंद है। गलियों से निरंतर कूड़ा उठवाया जा रहा है। जल्द ही दोनों के बीच समझौता कराकर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
- सुनील रंगा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद पलवल