संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में पटवार घरों और राजस्व रिकॉर्ड की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी पटवार घर या पटवारी के कार्यालय में निजी सहायक सरकारी रिकॉर्ड के साथ काम करते हुए पाए गए तो संबंधित पटवारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अनधिकृत व्यक्ति की दखलअंदाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं ऐसा मामला सामने आए तो उसकी तुरंत शिकायत करें और फोटो भेजें।
जिले के अधिकांश क्षेत्रों में लंबे समय से यह शिकायत सामने आती रही है कि कई पटवारी अपने कार्यस्थल पर कम दिखाई देते हैं और उनकी जगह निजी सहायक लोगों के कामकाज संभालते हैं। ये सहायक जमाबंदी, इंतकाल, फर्द, निशानदेही और अन्य राजस्व संबंधी दस्तावेजों के कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं। हालांकि नियमानुसार सरकारी रिकॉर्ड को संभालने और उससे संबंधित कार्य करने का अधिकार केवल अधिकृत सरकारी कर्मचारी को ही होता है।
सूत्रों के अनुसार कई स्थानों पर निजी सहायक ही लोगों से आवेदन लेते हैं, दस्तावेज तैयार करवाते हैं और फाइलों की प्रगति के नाम पर मनमानी वसूली करते हैं। आम लोगों का आरोप है कि बिना पैसे दिए कई मामलों में काम आगे नहीं बढ़ता, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रिकॉर्ड की सुरक्षा पर उठे सवाल
प्रशासन व विभाग की ओर से पूर्व में भी कई बार स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि कोई भी पटवारी निजी सहायक नहीं रखेगा और सरकारी रिकॉर्ड किसी भी गैर-सरकारी व्यक्ति को नहीं सौंपेगा। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इन आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है।
राजस्व रिकॉर्ड जमीन और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। ऐसे में निजी व्यक्तियों की पहुंच से रिकॉर्ड की गोपनीयता और सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। जानकारों का कहना है कि यदि सरकारी दस्तावेजों तक अनधिकृत लोगों की पहुंच बनी रहती है तो रिकॉर्ड में गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या छेड़छाड़ की आशंका बढ़ जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि कई जगह निजी सहायक खुद को पटवारी से भी अधिक प्रभावशाली समझते हैं। लोगों को घंटों बैठाए रखना, फाइलों को लंबित रखना और काम के बदले पैसे मांगना आम शिकायत बन चुकी है।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
डीसी अखिल पिलानी ने कहा है कि यदि किसी पटवार घर में निजी सहायक सरकारी कार्य करते हुए पाया जाता है या सरकारी रिकॉर्ड उसके कब्जे में मिलता है तो संबंधित पटवारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। ऐसे मामलों में विभागीय जांच के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।