बिजली कर्मियों की हड़ताल के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी लोग बिजली आपूर्ति न होने से परेशान रहे। बुधवार की देर रात तो लोगों का गुस्सा सड़कों पर भी दिखा व उन्होंने स्थानों पर रोड-जाम भी किए।
अधिकारियों का तर्क रहा कि बृहस्पतिवार को लाइट ठीक मिली, लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही दिखाई दी। शहर के जवाहर नगर कैंप, न्यू कॉलोनी, मोती कॉलोनी, सोहना रोड व बस अड्डे सहित कई स्थानों पर दोपहर तक बिजली के दर्शन नहीं हुए। हथीन व होडल में जरूर कुछ सुधार दिखा।
हड़ताल के पहले दिन बुधवार की देर रात को बिजली पानी की समस्या को लेकर गांव बामनीखेड़ा व पृथला के समीप लोगोें ने जाम लगा दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी अभिमन्यु पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
डीएसपी लोहान ने ग्रामीणों को समझा-बुझा कर जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस को गांव दीघथोट व गेलपुर में भी जाम लगने की सूचना मिली, लेकिन दोनों स्थानों पर लोगों के पहुंचने से पहले ही पुलिस पहुंच गई। इसके चलते जाम नहीं लग पाया। बामनीखेड़ा और पृथला में जाम लगाने पर सदर थाना पुलिस ने करीब 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार को भी 95 फीसदी कर्मचारी काम पर नहीं आए। 60 आउटसोर्स कर्मचारियों ने इस दिन भी कमान संभाले रखी। वहीं हथीन में निगम के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कच्चे कर्मचारियों के जरिये बिजली सप्लाई बनाए रखी। पावर हाउस पर पुलिस तैनात रही। निगम के कार्यकारी अभियंता पीके चौहान ने बताया कि दूसरे दिन हथीन सब डिविजन के 16 में से 14 फीडर चालू रखे गए। परन्तु लो वोल्टेज की समस्या के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वार्ड नंबर 13 बीडीपीओ ऑफिस के पीछे वाली कॉलोनी में कम वोल्टेज और भीषण गर्मी के चलते लोग परेशान रहे। होडल में भी दूसरे दिन बिजली पटरी पर आती दिखी। तीन दिन से बिजली की कटौती के चलते हड़ताल के बावजूद शहर वासियों ने राहत की सांस ली।
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-हड़ताल के दूसरे दिन अधिकांश स्थानों पर बिजली व्यवस्था ठीक रही। एक-दो फीडरों को छोड़कर अधिकांश फीडरों पर बिजली चालू रही। फ्यूज उड़ने या लोकल कमी की वजह से कहीं-कहीं शिकायतें मिली थी, जिन्हें तुरंत ठीक करा दिया गया।
-पीके चौहान, एक्सईएन, बिजली बोर्ड।