पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में कएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर दोबारा शुरू हुए धरने के आठवें दिन दलित समाज समर्थन में उतर आया। होडल के पूर्व विधायक उदयभान के नेतृत्व में हजारों की संख्या में जुलूस के माध्यम से पहुंचे लोगों ने केंद्र सरकार का खुलकर विरोध किया। वहीं किसानों ने अपने तंबुओं के सामने सब्जी व फूलों के पौधे लगा दिए हैं।
होडल के पूर्व विधायक उदयभान के नेतृत्व में धरने में पहुंचे लोगों ने कहा कि वे नियमित रूप से धरने को समर्थन देने आएंगे। हर गांव से समाज के लोग आंदोलन में भाग लेंगे। इस दौरान एक लाख रुपये की सहयोग राशि भी दी गई। सोमवार को 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार के नेतृत्व में चल रहे धरने में किसानों की संख्या के साथ सुविधाओं में भी इजाफा किया जा रहा है। सभा से पूर्व क्षेत्र के कवि व गायकों ने अपनी रचनाओं के जरिये किसानों में जोश भरा। सतबीर औरंगाबाद, मोहन दीघोट सहित भजन व रागनी प्रस्तुत की।
पूर्व विधायक उदयभान ने कहा कि सरकार ने हमेशा देश को तोड़ने का काम किया है। कभी धर्म तो कभी जाति के नाम पर लोगों को बांट रही है। सरकार ने किसानों को आतंकवादी व खालिस्तानी साबित करना चाहा, लेकिन वह योजना विफल रही। अब किसानों के आंदोलन को एक जाति का बता रहे हैं, लेकिन 36 बिरादरी के लोग आंदोलन को समर्थन कर रहे हैं। आज भारी संख्या में दलित समाज ने धरने को समर्थन दिया है।
पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि किसानों की हक की लड़ाई में सभी वर्गों को आगे आना चाहिए। यह केवल किसानों की लड़ाई नहीं है। कृषि कानूनों को असर सभी वर्गों पर पड़ेगा। अगर आज लोग जागरूक नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। धरने की अध्यक्षता अंबेडकर सभा के प्रधान मास्टर चरण सिंह जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। इस मौके पर महेंद्र चौहान, राजकुमार ओहलान, रतन सिंह सौरोत, ऋषिपाल चौहान, धर्मचंद, राजेंद्र, कृष्णपाल सुजवाड़ी, किशन सिंह आदि मौजूद रहे।
मथुरा के किसान सभा ने दिया समर्थन
सोमवार को मथुरा से आए किसान सभा के सदस्यों ने अटोहां चौक पर चल रहे धरने को समर्थन किया। किसान सभा के सदस्य नारेबाजी करते हुए धरना स्थल पर पहुंचे। सभा के पदाधिकारी सुरेश व तेजपाल के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने कहा कि किसान लंबे समय से कृषि कानूनों के विरोध में संघर्ष कर रहे हैं, बावजूद इसके सरकार कानूनों को वापस नहीं ले रही है। पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की मंशा में सरकार किसानों का अहित करना चाहती है, जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
बढ़ रही पालों के तंबुओं की संख्या
धरना स्थल पर पालों के तंबुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। तेवतिया, भूडेर, चौहान, सहरावत, रावत पाल के बाद अब डागर पाल ने भी अपना तंबु लगा दिया है। वहीं भूडेर पाल के किसानों ने अपने तंबु के सामने सब्जी व फूलों के पौधे लगा दिए हैं। राजकुमार ओहलान ने बताया कि किसान का काम खेती करना है। अब यहां धरने पर बैठे हैं तो यहीं पौधे लगा दिए। इससे वातावरण भी शुद्ध होगा।
डाढौता के किसानों ने किया भंडारे में सहयोग
सोमवार को डाढौता गांव की तरफ से भंडारे के लिए सहयोग किया गया। उन्होंने आलू, चीनी, आटा, रिफाइंड सहित अन्य सामान दिया। वहीं 81 सौ रुपये की नकद भी दिए गए। वहीं धरने में चल रहे भंडारे में हजारों किसान भोजन ग्रहण कर रहे हैं। दिन के समय बड़ी संख्या में किसानों को सर्विस रोड पर दरी बिछाकर भोजन करवाया जा रहा है।