सीवरेज की खुदाई बनी आफत, जमीन में धंस रहे वाहन
पलवल। शहर में अमृत योजना के तहत डाली जा रही सीवरेज लाइन लोगों के लिए आफत बनीं हुई है। नगर परिषद और ठेकदार की लापरवाही के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। खुदाई के कारण निकाली गई मिट्टी से लोगों का रास्तों पर चलना मुश्किल हो रहा है। पिछले दिनों हुई बारिश से मिट्टी धंस गई, जिससे वाहन उसमें फंस रहे हैं।
करीब सवा साल पूर्व पलवल में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से अमृत योजना का शुभारंभ किया गया। योजना के तहत शहर के सभी 31 वार्डों में सीवरेज और पेयजल लाइन डाले जानी थी। इसके लिए पानी की 130 किलोमीटर लंबी और सीवरेज की 150 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है। योजना के काम को पूरा करने की अवधि मार्च 2020 रखी गई थी, जिसे अब बढ़ाकर दिसंबर 2020 कर दिया गया। ठेकेदार द्वारा अलग-अलग स्थानों पर सीवरेज की खुदाई कर दी गई है। एक स्थान पर काम पूरा किए बिना ही, दूसरे स्थान पर काम शुरू कर दिया गया। साफ सड़कों को भी सीवरेज खुदाई के दौरान उखाड़ दिया गया। सबसे ज्यादा समस्या गांव कुसलीपुर, धौलागढ़, काशीपुर, अगवानपुर, फिरोजपुर, रोनीजा, मोहन नगर, कैलाश नगर, राजीव नगर, शमशाबाद और इस्लामाबाद में है। यहीं हाल पेयजल लाइन का है। अभी तक अधिकांश स्थानों पर पेयजल लाइन डालने का भी काम शुरू नहीं हुआ है। सीवरेज लाइन की खुदाई के बाद अब पेयजल लाइन के लिए दोबारा से सड़कों की खुदाई की जाएगी।
ट्रैक्टर-ट्रॉली धंसने से लगा जाम
गांव कुसलीपुर निवासी योगेश कौशिक, इंद्रजीत, संजू भड़ाना, रविंद्र भड़ाना ने बताया कि सीवरेज खुदाई के बाद रास्ते बिल्कुल खराब हो गया है। पिछले दो माह से गांव के रास्तों पर चलना मुश्किल हो रहा है। सड़क में हुए गड्ढों में वाहन धंस जाते हैं, जिससे आवागमन भी बंद हो जाता है। मंगलवार को गांव कुसलीपुर नंबर में एक ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पूरी तरह से जमीन में धंस गई, जिसे काफी मशक्कत के बाद निकाला गया। इस दौरान रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया। कई बार स्थानीय पार्षद से इसकी शिकायत की गई है, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अमृत योजना के तहत सीवरेज और पेयजल लाइन का कार्य पूरी तत्परता से किया जा रहा है। बीच में लगातार बारिश होने के कारण काम को कुछ दिनों के रोक दिया गया था, अब दोबारा काम को शुरू कर दिया गया है। जल्द ही काम को पूरा कर दिया जाएगा। - सतपाल, कार्यकारी अभियंता, अमृत योजना।