काला धन रखने वाले सरकार के साथ तू डाल-डाल मैं पात-पात का खेल खेल रहे हैं। काले धन को सफेद करने की कई प्रकार की जुगत चलाई जा रही है। लोग उसमें किसी हद तक कामयाब होते भी दिख रहे हैं, लेकिन देखना यह है कि ऐसा करके वे सरकार की नजर से बच पाते हैं या नहीं।
काले धन को सफेद करने के लिए कहीं दिहाड़ी पर मजदूरों को रखे जाने की चर्चाएं हैं, तो कहीं जन-धन खातों को कमीशन के आधार पर खरीदा जा रहा है। कागज बने 1000-500 के नोटों को तीस से चालीस फीसदी बट्टे (कमीशन) के आधार पर छोटे नोटों में बदले जाने के भी मामले सुनने में आ रहे हैं।
बिचौलियों के माध्यम से ऐसे लोगों से भी संपर्क साधा जा रहा है जहां कि पुराने नोट अभी चलन में हैं। तय कमीशन के आधार पर बिचौलिये वहां पर 1000-500 के नोटों को बदलने के धंधे में जुटे हैं। वहीं नोटबंदी के पहले तीन दिन सोने में भी जमकर निवेश किया गया, जिसके तहत सोने को 30 से 100 फीसदी अधिक की दर से भी खरीदे जाने की बातें सामने आईं।