संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के पटवारियों की दो दिवसीय हड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज प्रभावित रहे। जमीन संबंधी कार्य कराने के लिए तहसील और पटवार कार्यालय पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इंतकाल, जमाबंदी, निशानदेही, फर्द और अन्य राजस्व संबंधी कई काम प्रभावित होने से लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
पटवारियों का कहना है कि राजस्व विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था और पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण काम करने में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा पटवारियों पर बढ़ते कार्यभार और संसाधनों की कमी सहित कई मांगों को लेकर भी संगठन सरकार के समक्ष अपनी बात रख चुका है। पटवारियों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का उचित समाधान नहीं होता, तब तक कामकाज प्रभावित होता रहेगा। वार्ड निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह जमीन से संबंधित एक जरूरी काम कराने के लिए पटवार कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि दूर से आने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। सरकार को कर्मचारियों की समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए, ताकि आम लोगों के काम भी प्रभावित न हों। घासेड़ा इमरान ने कहा कि जमीन संबंधी काम पहले ही समय ले लेते हैं। अब हड़ताल के कारण काम और लंबित हो गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और सरकार के बीच जो भी समस्या है, उसका बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान होना चाहिए।
सरकार मांगों पर गंभीरता से करे विचार
स्थानीय निवासी सुरेश ने कहा कि पटवारी राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके हड़ताल पर रहने से जमीन से जुड़े छोटे-बड़े काम रुक जाते हैं। सरकार को पटवारियों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालना चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। जरूरी काम हड़ताल में ही किए: वहीं दूसरी तरफ हड़ताल के दौरान देखने में आया कि पटवारियों ने रिहायशी प्रमाण-पत्र, जमानत के लिए जरुरी कागज, एसआईआर से संबंधित कागज समेत कई जरुरी दस्तावेजों पर काम किया। जिससे लोगों ने भी उनके काम की सराहना की।