संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
पिछले कई वर्षों से खराब सफाई व्यवस्था, जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर और गंदगी की समस्या से जूझ रहे शहर के लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। नगर परिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से पांच साल की नई योजना तैयार की है। योजना के तहत शहर के 31 वार्डों, प्रमुख बाजारों, चौक-चौराहों और सड़कों की नियमित सफाई के साथ-साथ घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में शहर की सफाई व्यवस्था कई एजेंसियों के माध्यम से संचालित की गई, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। नगर परिषद द्वारा सफाई कार्य पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर में गंदगी की समस्या बनी रही। इसका असर स्वच्छता सर्वेक्षण में भी देखने को मिला, जहां पलवल की रैंकिंग लगातार प्रभावित हुई ।
फिलहाल एजेंसी के तीन महीने के लिए सौंपा गया सफाई का जिम्मा
वर्तमान में नगर परिषद ने अंतरिम व्यवस्था के तहत एक एजेंसी को तीन महीने के लिए सफाई कार्य का जिम्मा सौंप रखा है, जबकि स्थायी समाधान के लिए बड़े स्तर पर नई योजना लागू करने की तैयारी चल रही है। नई व्यवस्था के तहत चयनित एजेंसी को आधुनिक मशीनों, वाहनों और संसाधनों के साथ 24 घंटे सफाई व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
योजना के अनुसार करीब 460 सफाई कर्मचारी शहर के विभिन्न वार्डों में तैनात किए जाएंगे। ये कर्मचारी नियमित रूप से सड़कों, गलियों, सार्वजनिक स्थलों और चौक-चौराहों की सफाई करेंगे। साथ ही रिक्शा, कूड़ा संग्रहण वाहन और अन्य संसाधनों के माध्यम से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण को भी प्रभावी बनाया जाएगा। नगर परिषद का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहर में कूड़े के ढेर और गंदगी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. यशपाल ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष रखी गई थी। इसके बाद करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से पांच वर्षों के लिए नई सफाई योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि योजना के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
वर्जन
नई एजेंसी के चयन के बाद सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। नगर परिषद को उम्मीद है कि नई योजना लागू होने के बाद न केवल शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा, बल्कि आने वाले स्वच्छता सर्वेक्षणों में भी पलवल की रैंकिंग बेहतर होगी और शहरवासियों को स्वच्छ वातावरण का लाभ मिल सकेगा। -
डॉ. यशपाल, नगर परिषद अध्यक्ष